रामगढ़ कोर्ट में पेशी के बाद भेजा गया जेल, बोले- मैं मयंक सिंह नहीं
झारखंड पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी अपराधी का प्रत्यर्पण
इंटरनेशनल गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई और अमन साहू के बीच की कड़ी था
एटीएस ने मांगा था रिमांड, अदालत ने नहीं दी इजाजत
रांची : कुख्यात अपराधी मयंक सिंह उर्फ़ सुनील सिंह मीणा को अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर शनिवार को झारखंड लाया गया। एटीएस की टीम उसे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट लेकर पहुँची, जहां सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम के बीच बख्तरबंद गाड़ी में उसे एटीएस मुख्यालय ले जाया गया और प्रारंभिक पूछताछ के बाद रामगढ़ ले जाया गया, जहां कोर्ट में उसकी पेशी हुई।
अपर न्यायिक दंडाधिकारी संदीप बर्मन की अदालत में भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच उसकी पेशी हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी ने खुद को मयंक सिंह मानने से इनकार किया और कहा कि इस नाम का कोई और व्यक्ति होगा। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने एटीएस की रिमांड याचिका खारिज कर आरोपी को रामगढ़ उपकारा भेजने का आदेश दिया।
सुनील मीणा मूल रूप से राजस्थान के अनूपगढ़ जिले के घड़साना का रहने वाला है। झारखंड एटीएस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह साबित किया था कि वही मयंक सिंह के नाम से आपराधिक गतिविधियां चला रहा है। अप्रैल 2024 में उसके घर पर राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर इश्तेहार चिपकाया गया था। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद उसे 29 अक्टूबर 2024 को अजरबैजान की राजधानी बाकू से गिरफ्तार किया गया। 27 जनवरी 2025 को अजरबैजान की अदालत ने प्रत्यर्पण को मंजूरी दी और विदेश मंत्रालय के सहयोग से भारत सरकार ने इसे अंतिम रूप दिया।
मीणा का नाम झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू से जुड़ा रहा है। वह सोशल मीडिया और इंटरनेट कॉल के जरिए कारोबारियों, ठेकेदारों और खनन कंपनियों को धमकाता था और कई बड़ी वारदातों की जिम्मेदारी गिरोह के नाम पर लेता था। साहू के मारे जाने के बाद भी उसने गिरोह के नाम पर दहशत फैलाना जारी रखा। रामगढ़ जिले के पतरातू (भदानीनगर) थाने में दर्ज एक मामले में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर टीम का नेतृत्व कर रहे ऋषभ झा ने इसे झारखंड पुलिस के इतिहास का पहला सफल प्रत्यर्पण बताया। उन्होंने कहा कि यह राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग का परिणाम है तथा भविष्य में विदेश भागे अन्य अपराधियों को भी प्रत्यर्पित करने की दिशा में यह बड़ी उपलब्धि है।
अधिकारियों का मानना है कि सुनील मीणा से पूछताछ के बाद राज्य में कई आपराधिक मामलों के राज खुल सकते हैं। फ़िलहाल उसे रामगढ़ उपकारा भेज दिया गया है।





