अनिल अंबानी ईडी को बयान देने फिर नहीं पहुंचे , अब क्या होगा !

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

नयी दिल्ली ; रिलायंस इन्फ्रा पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले की जांच में घिरे रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी दूसरी बार सोमवार को भी प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश नहीं हुए और कहा कि वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बयान देने को तैयार हैं। श्री अंबानी की ओर से सोमवार को मीडिया के लिए जारी एक बयान में उनके एक प्रवक्ता ने कहा कि श्री अंबानी को प्रवर्तन निदेशालय का समन केवल उनके बयान दर्ज करने से संबंधित है और वह किसी भी दिन उपयुक्त समय पर वर्चुअल (वीडियो कांफ्रेंसिंग) अथवा रिकार्ड किये गये वीडियो के माध्यम से जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थिति हो सकते हैं या अपना बयान रिकार्ड करवा सकते हैं। इससे पहले उन्हें पूछ-ताछ के लिए 14 नवंबर काे पेश होने का समन था, लेकिन, उस पर भी वह नहीं पहुंचे थे। बयान में कहा गया है, “ श्री अंबानी ने अपने बयान की रिकॉर्डिंग के लिए, किसी भी उपयुक्त तिथि और समय पर, वर्चुअल उपस्थिति/ रिकॉर्डेड वीडियो के माध्यम से उपलब्ध होने की पेशकश की है। ” बयान में कहा गया है कि श्री अंबानी अप्रैल 2007 से मार्च 2022 तक, लगभग 15 वर्षों, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लि में एक गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत थे। बयान में कहा गया है कि श्री अंबानी की इस दौरान कंपनी के दैनिक परिचालन की जिम्मेदारी नहीं थी। ईडी की तीन नवंबर 2025 को मीडिया के लिए जारी एक विज्ञप्ति का हवाला देते हुये बयान में यह भी कहा गया है कि ईडी की जांच का मामला जयपुर-रींगस राजमार्ग परियोजना से संबंधित है और यह फेमा के तहत दर्ज है। समूह ने कहा है कि 2010 का यह मामला 15 साल पुराना है और ईडी की विज्ञप्ति के अनुसार यह सड़क परियोजना के एक ठेकेदार से जुड़े मुद्दों से संबंधित है। बयान में कहा गया है कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को संबंधित सड़क परियोजना के निर्माण का ठेका इंजीनियरिंग, क्रय और निर्माण ( ईपीसी ) के अनुसार दिया गया था। अब चार साल से उस सड़क का परिचालन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) कर रहा है। समूह का दावा है कि परियोजना का ठेका यह पूरी तरह से घरेलू था और उसमें कोई विदेशी मुद्रा लेन-देन जैसा कोई मामला शामिल नहीं था।

kelanchaltimes
Author: kelanchaltimes

Leave a Comment

Kelanchaltimes हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

डीएसपीएमयू में प्रशासनिक व अकादमिक समन्वय पर जोर, कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने की दो महत्वपूर्ण बैठकें

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रशासनिक और अकादमिक संभागों के साथ नियमित बैठक और संवाद को

प्रतियोगिता में परिणाम से अधिक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण – कुलपति डॉ राजीव मनोहर

DSPMU के प्रतिभागियों का शानदार प्रदर्शन, 39वें AIU यूथ फेस्टिवल में कई श्रेणियों में जीते सम्मान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने AIU

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश

रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर में श्रद्धा और परंपरा के संग गूंजा सरना झंडा गड़ी उत्सव, युवाओं ने लिया संस्कृति संरक्षण का संकल्प

रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची के न्यू बिल्डिंग परिसर में आज आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में पारंपरिक