रायपुर । छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप अटैच की है। ईडी के अधिकारियों के गुरुवार को दी गई जानकारी के अनुसार अटैच की गई संपत्तियों में 59.96 करोड़ रुपये मूल्य के 364 आवासीय भूखंड और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियां व 1.24 करोड़ रुपये मूल्य की बैंक बैलेंस/सावधि जमा के रूप में चल संपत्तियां शामिल हैं। चैतन्य पर शराब सिंडिकेट और काले धन को रियल एस्टेट के जरिए सफेद करने का आरोप है। चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था जो अभी जेल में हैं। ईडी के अधिकारियों ने यह बताया है कि यह जांच एसीबी ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस एफआईआर में आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराएं लगाई गई थी। ईडी की जांच में बड़ा खुलासा कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के सर्वोच्च स्तर पर था और वहीं इस पूरे नेटवर्क को कंट्रोल करता था। ईडी ने इससे पहले इस मामले में अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस ), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी(आईटीएस)और पूर्व मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। इस वक्त यह 61.20 करोड़ रुपये की कुर्की नई है। इससे पहले ईडी ने इस मामले में करीब 215 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। यानी कुल मिलाकर अब तक 276 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त हो चुकी है।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




