एकता, अनुशासन और आत्मबलिदान का प्रतीक है, एनसीसी – कुलपति डॉ तपन कुमार शांडिल्य

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दिनांक 4 दिसम्बर 2024 को पूर्वाह्न 11 बजे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के सभागार में एनसीसी का 76 वा स्थापना दिवस मनाया गया।
इस मौके विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ तपन कुमार शांडिल्य और मुख्य अतिथि मेजर सूबेदार प्रबद‌याल सिंह को सम्मानित किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि NCC का उद्देश्य एकता, अनुशासन और सामूहिकता की भावना है। उन्होंने इसके बाद NCC के अंतर्गत आनेवाले तीन रंगों का महत्व बताया जो सेना के प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एनसीसी वर्तमान में 25 से अधिक देशों में युवा आदान प्रदान कार्यक्रम के हिस्से के रूप में अपने कैडेटों को शांति और एकता के राजदूत के रूप में भेजकर चार दशक से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय संबंधों को साधने का एक मंच भी रहा है। उन्होंने अपने वक्तव्य का समापन करते हुए कहा कि इन्हीं सब विशेषताओं के कारण NCC के कैडेट प्रतिज्ञा के तौर पर इन शब्दों को दोहराते है, हम, राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करते है कि हम हमेशा भारत की एकता को बना कर रखेंगे । मुख्य अतिथि मेजर सूबेदार प्रबदयाल सिंह ने कहा कि उन्हें आशा है कि जिस प्रकार NCC के कैडेट पहले से ही अपने विरासत में अनुशासन को आत्मसात किए है वह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।मौके पर कुलपति डॉ तपन कुमार शांडिल्य, एनसीसी अधिकारी डॉ गणेश चंद्र बास्की ने कैडेटों को सम्मानित किया। इसके पूर्व कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेटों ने अनेकों राज्य के लोकनृत्य और संस्कृति की प्रस्तुति दी। अंत में कार्यक्रम का समापन करते हुए NCC अधिकारी डॉ गणेश चन्द्र बास्के ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। यह जानकारी पीआरओ प्रो राजेश कुमार सिंह ने दी

Ravi Prakash
Author: Ravi Prakash

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