उत्तराखंड में फिर हेलीकॉप्टर हादसा सामने आया है. केदारनाथ धाम से यात्रियों को लेकर लौट रहा आर्यन एविएशन का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया. वहीं घटना में पुलिस व युकाडा ने 7 लोगों के हताहत होने की पुष्टि की है. जिस स्थान पर हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ, वो स्थान गौरीकुंड से करीब 5 किमी ऊपर पैदल गौरी माई खर्क नामक स्थान है. सूचना के बाद रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गई हैं. वहीं हादसे पर सीएम पुष्कर सिंह धामी और पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने दुख जताया है. आर्यन एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर केदारनाथ से श्रद्धालुओं को लेकर गुप्तकाशी बेस वापस लौट रहा था. बताया जा रहा है कि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया. वहीं हेलीकॉप्टर में पायलट के अलावा पांच यात्री व एक बच्चा भी सवार था. हादसे में पुलिस व युकाडा के ओर से सभी यात्रियों के मौत की पुष्टि की है.बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारी विक्रम रावत की भी हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हुई है. हेलीकॉप्टर हादसे में मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग लाया जा रहा है. प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों की उपस्थिति में शवों की शिनाख्त सुनिश्चित कराने के लिए व्यवस्था की गई है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि रुद्रप्रयाग जिले में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुःखद समाचार मिला है. एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य रेस्क्यू दल राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं. बाबा केदार से सभी यात्रियों के सकुशल होने की कामना करता हूं.गौर हो कि 7 जून को ही केदारनाथ यात्रा रूट पर एक हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था. हेलीकॉप्टर ने बडासू हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी. लेकिन तकनीकी खामियों से हेलीकॉप्टर की केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बडासू के पास इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी. पायलट ने हेलीकॉप्टर को सड़क पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई थी. हेलीकॉप्टर क्रिस्टल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का था. जबकि हेलीकॉप्टर में पायलट समेत 6 लोग सवार थे और हादसे में पायलट को हल्की चोटें आई थी. वहीं हादसे में सभी यात्री सुरक्षित बच गए थे.

डीएसपीएमयू में प्रशासनिक व अकादमिक समन्वय पर जोर, कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने की दो महत्वपूर्ण बैठकें
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रशासनिक और अकादमिक संभागों के साथ नियमित बैठक और संवाद को




