नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी सोमवार सुबह ज़हरीली धुंध की मोटी चादर में लिपटी रही और कम दृश्यता होने की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
केंद्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी ) के डेटा के अनुसार सुबह 6.05 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 366 था, जो एक दिन पहले दर्ज किए गये 24 घंटे के औसत 377 से थोड़ा बेहतर था। सीपीसीबी के अनुसार एक्यूआई 101 और 200 के बीच मध्यम स्तर का होता है। इसके बाद 201 और 300 के बीच खराब और 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ होता है। वहीं, 400 से ऊपर का एक्यूआई ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक बहुत खराब हवा में लंबे समय तक रहने से सांस की समस्या हो सकती है। यह उन लोगों के लिए खतरना है, जिन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं है।
दिल्ली में रविवार को दक्षिण-पूर्वी हवाएं चल रही थीं और पिछले 24 घंटों में हवा की गति 12 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी, जिससे हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ, हालांकि दृश्यता काफी कम रही।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, लगभग सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार दक्षिण-पूर्वी हवाओं के चलने के बावजूद पालम स्टेशन पर दृश्यता कम होती रही। रविवार रात 9.30 बजे दृश्यता 800 मीटर से घटकर सोमवार सुबह सात बजे तक 350 मीटर हो गयी, जिसके कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को उड़ानों के परिचालन में संभावित रुकावट की चेतावनी देते हुए यात्रा परामर्श जारी करना पड़ा। सफदरजंग स्टेशन पर भी हल्की धुंध देखी गई, जहां रात भर शांत हवाओं के कारण दृश्यता रविवार रात 1,000 मीटर से घटकर सोमवार सुबह 600 मीटर हो गयी

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