रांची : झारखंड पुलिस ने सोमवार को खूंटी और लातेहार जिलों में दो अलग-अलग प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के कुल छह सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। खूंटी में पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के चार उग्रवादी दबोचे गए, जबकि लातेहार में झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के दो सक्रिय सदस्य जेल भेजे गए।खूंटी पुलिस को सूचना मिली थी कि रनिया थाना क्षेत्र के जिबिलोंग टोंगरी के पास पीएलएफआई का हिस्ट्रीशटर ओझा पाहन उर्फ ओझा तोपनो अपने सहयोगियों के साथ ठेकेदारों व व्यापारियों से रंगदारी वसूलने और दहशत फैलाने की योजना बना रहा। सूचना के आधार पर खूंटी के एसपी ने एसडीपीओ तोरपा क्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में विशेष दल का गठन किया, जिसने छापेमारी कर चार उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें ओझा पाहन, जेवियर कोंगाड़ी, संतोष कोंगाड़ी और जिबनुस आईंद उर्फ दढ़ियल शामिल हैं। इनके पास से एक 7.65 एमएम का लोडेड देसी पिस्तौल, एक देसी कट्टा, जिंदा गोलियां, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और पेट्रोल से भरी दो बोतलें बरामद हुई हैं। पुलिस के अनुसार, 27 मई को इन उग्रवादियों ने सड़क निर्माण में लगे रोड रोलर को आग लगाई थी और 8 अगस्त को रायकेरा गांव में निर्माणाधीन जेसीबी को जलाने का प्रयास किया था। ओझा पाहन के खिलाफ हत्या, आगजनी, लेवी वसूली और आर्म्स एक्ट से जुड़े गुमला और खूंटी जिलों में कुल 17 मामले दर्ज हैं।इसी तरह, लातेहार जिले में झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के दो सक्रिय उग्रवादियों अमीन अंसारी (30) और कृष्णा साहू उर्फ कृष्णा प्रसाद (30) को गिरफ्तार किया गया है। लातेहार पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों इलाके में सक्रिय हैं। इसके बाद एसडीपीओ अरविंद कुमार की अगुवाई वाली टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कई घटनाओं में अपनी अंतर्लिप्तता स्वीकार की है।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




