पटना : बिहार में आपराधिक घटनाओं को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और उनकी पार्टी के सांसदों द्वारा नीतीश कुमार सरकार की कानून-व्यवस्था को ध्वस्त बताने के बाद जनता दल यूनाइटेड के मंत्री महेश्वर हजारी ने चिराग और उनकी पार्टी को गठबंधन धर्म की याद दिलाई है। महेश्वर हजारी ने कहा कि चिराग पासवान मंच पर कुछ बोलते हैं, नीचे कुछ और बोलते हैं। अगर उनको अकेले लड़ना है तो घोषणा करके लड़ जाएं लेकिन गठबंधन में हैं तो गठबंधन धर्म मानना चाहिए। मंत्री ने 2020 के विधानसभा चुनाव में बिना चिराग का नाम लिए जेडीयू के नंबर तीन पार्टी बनने की याद भी दिलाई और कहा कि सबको पता है कि किसने नीतीश कुमार का नुकसान किया।चिराग के बहनोई और लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी) के सांसद अरुण भारती ने आज भी कहा है कि उनकी पार्टी राष्ट्र के लिए धृतराष्ट्र नहीं बन सकती। अरुण भारती ने कहा है कि गठबंधन में रहकर भी अपराध के मसले पर जनता की आवाज को सहयोगी दल तक पहुंचाना गठबंधन धर्म का उल्लंघन नहीं है और उनकी पार्टी ऐसा करती रहेगी।महेश्वर के पिता रामसेवक हजारी और रामविलास पासवान परिवार के बीच राजनीतिक लड़ाई का लंबा इतिहास है। एक विधानसभा चुनाव में हजारी के परिवार ने चिराग के दिवंगत चाचा रामचंद्र पासवान को हरा दिाया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में हजारी के बेटे सन्नी हजारी को जब चिराग ने टिकट नहीं दिया तो वो कांग्रेस से लड़े। चिराग की पार्टी से जेडीयू मंत्री अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी लड़ीं और जीतकर सांसद बनीं। तब नीतीश ने महेश्वर हजारी को पार्टी के खिलाफ काम करने से चेताया था।महेश्वर हजारी ने चिराग के गृह जिला खगड़िया में मीडिया से बातचीत में कहा- “नीतीश कुमार को थर्ड लाने में किसकी भूमिका थी, किन-किन लोगों की भूमिका थी, सारी जनता जानती है लेकिन फिर से नीतीश सीएम बने और पांच साल सरकार चलाए।” हजारी ने कहा- “गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए। उनकी अपनी पार्टी है, निजी पार्टी है। वो स्वतंत्र हैं। अकेले लड़ना चाहते हैं तो घोषणा करके लड़ जाएं। मंच पर कुछ बोलते हैं और नीचे कुछ बोलते हैं। इस तरह की बात नहीं होनी चाहिए।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




