धनबाद। धनबाद में “गैंग्स ऑफ वासेपुर” के खिलाफ झारखंड पुलिस ने बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। दुबई में छिपकर बैठे वासेपुर के गैंगस्टर प्रिंस खान के गिरोह से जुड़े लोगों और उसके मददगारों के खिलाफ मंगलवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित 30 ठिकानों पर पुलिस ने छह घंटे से भी अधिक समय तक सर्च ऑपरेशन चालाया। इस दौरान प्रिंस के कम से कम सात गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य को हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में शमशेर नगर के फिरोज मलिक, लाडला खान, साहेब कुरैशी, मोहम्मद डब्ल्यू, आरिफ डीजे, परवेज खान, मोहम्मद तौसीफ समेत अन्य शामिल हैं। इनमें से कई पहले भी प्रिंस खान के लिए काम कर चुके हैं और विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। मंगलवार तड़के शुरू हुए इस बड़े ऑपरेशन के दौरान कई हथियार, नगद राशि और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बरामदगी की सूचना है, जिसके बारे में पुलिस जल्द ही आधिकारिक तौर पर खुलासा करेगी। एसएसपी संजीव कुमार के निर्देश पर यह ऑपरेशन मंगलवार को तड़के तीन बजे से शुरू हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, खुफिया सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह के शूटर और सहयोगी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं और भारी मात्रा में विदेशी हथियार वासेपुर में छिपाकर रखे गए हैं। धनबाद पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई प्रिंस खान के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के साथ न केवल पेशेवर अपराधी, बल्कि कुछ जमीन कारोबारी और व्हाइट-कॉलर लोग भी जुड़े हैं, जो धन, जमीन सौदे और हथियार आपूर्ति के जरिये गैंग का समर्थन कर रहे थे। पुलिस अब ऐसे सभी सहयोगियों को चिन्हित कर कार्रवाई में जुटी है। प्रिंस खान झारखंड का मोस्ट वांटेड अपराधी है, जो पिछले चार वर्षों से दुबई में पनाह लिए हुए है। झारखंड पुलिस के अनुरोध पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। हत्या और रंगदारी वसूली के कई मामलों में वांछित प्रिंस खान अक्सर सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर वारदातों की जिम्मेदारी लेता रहा है।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




