झारखंड की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, क्योंकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ 15 दिनों के भीतर दूसरी बार दिल्ली दौरे पर पहुंचे हैं और इस दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। दिल्ली में हेमंत सोरेन की मुलाकात बीजेपी के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं से होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या राज्य की राजनीति में कोई नया ‘खेला’ होने वाला है। दरअसल, हेमंत सोरेन दिल्ली में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के बेटे अपूर्व गंगवार के रिसेप्शन समारोह में शामिल होने पहुंचे हैं, जो आज राजधानी दिल्ली में आयोजित किया गया है। इस समारोह में बीजेपी के कई बड़े नेता, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे, ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बीजेपी नेताओं के बीच बातचीत और सौहार्दपूर्ण मुलाकात स्वाभाविक मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जब एक ही मंच पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बड़े चेहरे मौजूद होंगे तो औपचारिक बातचीत से आगे भी चर्चा हो सकती है और इसी वजह से इस मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि हेमंत सोरेन सोमवार दोपहर ही दिल्ली पहुंच गए थे और शाम को होने वाले इस गेट-टुगेदर की तस्वीरें भी सामने आ सकती हैं, जिनमें बीजेपी नेताओं के साथ उनकी सहज और मुस्कुराती बातचीत देखने को मिल सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले भी करीब 15 दिन पहले हेमंत सोरेन दिल्ली आए थे और उस दौरान भी उनकी बीजेपी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद झारखंड की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था और कयास लगाए जाने लगे थे कि राज्य में कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है। हालांकि उस समय मुख्यमंत्री ने इन मुलाकातों को पूरी तरह औपचारिक और शिष्टाचार भेंट बताया था और किसी भी राजनीतिक संकेत से इनकार किया था। अब एक बार फिर दिल्ली दौरा, वही बीजेपी नेता और लगातार हो रही मुलाकातें राजनीतिक तापमान बढ़ा रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मुलाकातें केवल सामाजिक और औपचारिक दायरे तक सीमित रहती हैं या फिर झारखंड की राजनीति में किसी बड़े बदलाव की भूमिका तैयार करती हैं, क्योंकि फिलहाल मुख्यमंत्री के इस दौरे ने राज्य की सियासत को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

नामांकन से नतीजे तक खर्च की निगरानी, तीन दौर में होगी प्रत्याशियों की जांच
रांची : निकाय चुनाव के दौरान प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले चुनाव खर्च पर इस बार राज्य निर्वाचन आयोग की कड़ी निगरानी रहेगी। आयोग ने




