पाकुड़: बिजली कॉलोनी स्थित प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण में नव दिवसीय शिवमहापुराण कथा अमृतवर्षा के आयोजन को लेकर आज विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। सफला एकादशी के पावन अवसर पर प्रातः लगभग 9:30 बजे पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हनुमंत ध्वजारोहण संपन्न हुआ।
ध्वजारोहण के साथ ही मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में बदल गया। चारों ओर “हर-हर महादेव” और “जय बजरंगबली” के जयकारे गूंज उठे। कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव और हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके साथ ही समाज के कल्याण, सुख, शांति, समृद्धि और सभी लोगों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए सामूहिक आरती भी की गई।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिवभक्त, स्थानीय श्रद्धालु और कॉलोनीवासी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। मंदिर परिसर को धार्मिक ध्वज, फूलों और सजावटी सामग्री से आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे वातावरण और भी आध्यात्मिक नजर आया।
कार्यक्रम के दौरान आचार्य विकास ने मीडिया और श्रद्धालुओं को जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी बिजली कॉलोनी शिव मंदिर प्रांगण में नव दिवसीय शिवमहापुराण कथा का भव्य और दिव्य आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिवमहापुराण कथा का वाचन करने के लिए काशी, बनारस से प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य धीरज विशेष रूप से पाकुड़ पहुंचेंगे।
आचार्य विकास ने बताया कि शिवमहापुराण कथा प्रतिदिन संध्या 3:00 बजे से लेकर रात्रि 8:00 बजे तक नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। कथा के दौरान भगवान शिव की महिमा, उनके जीवन से जुड़े प्रसंग, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की प्रेरणादायक कथाओं का विस्तार से वर्णन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होगा।
इसके अलावा प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से रुद्राभिषेक और वेदी पूजन का आयोजन भी किया जाएगा। रुद्राभिषेक के माध्यम से भगवान शिव की विशेष आराधना की जाएगी, जिसमें श्रद्धालु दूध, जल, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
आचार्य विकास ने सभी श्रद्धालुओं और शिवभक्तों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में लोग इस नव दिवसीय शिवमहापुराण कथा में शामिल हों और धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपसी भाईचारे को भी बल मिलता है।
हनुमंत ध्वजारोहण कार्यक्रम के सफल आयोजन के साथ ही शिवमहापुराण कथा के शुभारंभ का धार्मिक संकेत भी दिया गया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखा गया।
अंत में, आयोजकों और मंदिर समिति के सदस्यों ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और आगामी नौ दिनों तक चलने वाले शिवमहापुराण कथा कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की अपील की।





