(कटिहार)। जिले के कदवा प्रखंड अंतर्गत के उत्क्रमित मध्य विधालय गोविन्दपुर सह उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विधालय बेनी जलालपुर छात्र-छात्राएं स्कूल ड्रेस में नियमित रूप से विद्यालय आते हैं। छात्र छात्राएँ अनुशासित ढंग में रहकर पठन-पाठन करते हैं। विधालय में योग्य शिक्षकों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने से छात्र-छात्राओं की पठन-पाठन में रुचि बढ़ती जा रही हैं। प्रधानाध्यापक के द्वारा विद्यालय का गुणात्मक विकास के साथ-साथ छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन पर विशेष ध्यान रहते हैं। मो० हामिद शमशी प्रधानाध्यापक अक्टूबर 2023 में बनने के बाद विद्यालय का सर्वांगिंग विकास करने में दिन रात लग रहते हैं। विधालय का चौतरफा विकास कार्य कर रहे हैं।पठन-पाठन को चुस्त दुरुस्त किया। सभी छात्र छात्राओं को नियमित रूप से स्कूल ड्रेस में लाने के लिए प्रेरित किया। छात्र छात्राओं की उपस्थिति के लिए सघन अभियान चलाया। वर्ग कक्ष तथा कार्यालय को सुसज्जित रूप से व्यवस्था कर अच्छे स्वरूप में लाने का कार्य किया। रूटिंग आधारित कक्षा का संचालन प्रारंभ किया। सभी शिक्षकों के द्वारा एकरूपता से पठन-पाठन प्रारंभ कराया। शिक्षा रूटिंग आधारित वर्ग संचालन प्रारंभ कराया। विद्यालय में प्रार्थना में सभी बच्चों की सहभागिता,चेतना सत्र में संविधान पाठ स्पीकर के माध्यम से करने का कार्य प्रारंभ किया। शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं के लिए व्यायाम की पूर्ण व्यवस्था किया गया। प्रधानाध्यापक मो० हामिद शमशी विद्यालय के शिक्षक- शिक्षिकाओं के साथ अच्छा संबंध रखते हुए विद्यालय की विधि व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग लिया करते हैं।उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोविंदपुर में वर्ग एक से आठ तक की पढ़ाई होती है। उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बेनी जलालपुर में वर्ग 9 से 12 तक।की पढ़ाई होता है। प्रधानाध्यापक मो० हामिद शमशी कुशल व्यवहार के साथ साथ कुशल प्रशासक भी हैं।सभी छात्र-छात्राएं काफी अनुशासित ढंग से विद्यालय आते हैं और विद्यालय में समय सारणी का पालन करते हुए पठन-पाठन करने में काफी अभिरुचि लेते हैं। इसका श्रेय प्रधानाध्यापक से लेकर विद्यालय में पदस्थापित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को जाता है। इस विद्यालय में सभी शिक्षक- शिक्षिका विद्यालय के सर्वांगीण विकास से लेकर पठन-पाठन तक को दुरुस्त करने में प्रधानाध्यापक को काफी सहयोग कर रही हैं। इस विद्यालय में पठन-पाठन सुचारू ढंग से किया जाता है। प्रधानाध्यापक मो० हामिद शमशी ने बताया कि विद्यालय का शैक्षणिक कार्य पुरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है। विद्यालय में सभी शिक्षक समय पर उपस्थित होकर विद्यालय में पठन पाठन का कार्य करते है। विद्यालय में कार्यरत वर्ग 1 से 8 के शिक्षक रईसुद्दीन, रंजीत कुमार मंडल, ब्यूटी देवी, अब्दुल कादिर, मोहम्मद नेहाल, सतरूपा कुमारी, शाहेदा बेगम, मनीष कुमार बेरवा तथा वर्ग 9 से 12 के शिक्षक मोहम्मद अनिसुर रहमान, तृप्ति कुमारी, दिलीप कुमार गुप्ता, दीपक कुमार, रणधीर कुमार, दिलीप कुमार साह,ब्रजेश कुमार शर्मा, अब्दुल समद,शिक्षा सेवक संजय कुमार राय, पूजा कुमारी पठन-पाठन कार्य करते हैं। प्रधानाध्यापक मो० हामिद शमशी ने कहा कि विधालय के वर्ग 1 में 24,वर्ग 2 में 34, वर्ग 3 में 32,वर्ग 4 में 71, वर्ग 5 में 44, वर्ग 6 में 124, वर्ग 7 में 122,वर्ग 8 में 73, वर्ग 9 में 86, वर्ग 10में 87, वर्ग 11में 50, वर्ग 12में 33, छात्र-छात्राओं का नामांकन विद्यालय में है। प्रधानाध्यापक ने कहा कि सभी छात्र – छात्राओं को पाठ्य पुस्तक वितरण कर दिया गया है। छात्र-छात्राओं के बीच बैग,पीने का पानी का बोतल एवं एफएलएन कीट का वितरण भी किया गया। विद्यालय में हर वर्ग कक्ष का ब्लैक बोर्ड का काली करण किया गया है। प्रधानाध्यापक के द्वारा साफ सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं। शौचालय की नियमित रुप से साफ-सफायी किया जा रहा है।बच्चों को टीएलएम कीट के द्वारा शिक्षा दिया जाता है। आनंददायी कक्षा बनाया गया है। छात्र-छात्राओं को प्रति कार्य दिवस में मीनू के अनुसार प्रधानमंत्री पोषण योजना का लाभ दिया जाता है।चेतना सत्र में कैलेंडर के अनुसार तरह तरह के खतरे जैसे सड़क दुघर्टना, भूकंप,आपदा, बीमारी, ठंड से बचाव,लूं से बचाव आदि गति विधि कर बताया जाता है। प्रधानाध्यापक मो० हामिद शमशी ने बताया कि विद्यालय का सर्वांगीण विकास करने में दिन-रात जुटा रहता हूं। जिसका परिणाम अल्प अवधि में विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के दिशा में कार्य किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं में अनुशासन का पाठ पढ़ाया। विद्यालय के छात्राओं को शत प्रतिशत स्कूल ड्रेस में विद्यालय आने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया गया। परिणाम हुआ कि विद्यालय के छात्राएं अनुशासित ढंग से पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय के शत प्रतिशत बच्चे ड्रेस में आते हैं। प्रधानाध्यापक मोहम्मद हामिद समसी कहते हैं कि विद्यालय में अगर संस्कृत विषय का शिक्षक हो जाता,तो सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं संस्कृत विषय का पठन-पाठन करते,विद्यालय में छात्र-छात्राओं के अनुरूप कम से कम 6 शौचालय की व्यवस्था हो जाता, प्रधानाध्यापक कक्ष से जुड़े एक शौचालय बन जाता, वर्ग कक्षा के लिए कम से कम एक कमरा बन जाता,तो बेहतर होता। जबकि भूमि उपलब्ध है। विद्यालय परिसर में बने रसोई घर जर्जर हो गया है। इसलिए रसोई घर का जीर्णोद्धार हो जाता तो और भी बेहतर होता।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




