रांची। भाजपा निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले 12 दिनों से लापता बच्चे बरामद हुए, इसमें दो राय नहीं कि पुलिस ने काफी मेहनत की, दिन-रात एक कर दिया। इसी का परिणाम है कि यह बात गांव-गांव तक फैल गई और लोग इन बच्चों को ढूंढने में लग गये। अंततः बजरंग दल के युवाओं ने ही इन बच्चों को सकुशल ढूंढ निकाला।उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर बुधवार को लिखा है कि रामगढ़ के चितरपुर से बजरंग दल के कार्यकर्ता सचिन प्रजापति, डबलु साहु, सन्नी और उनके साथियों ने जिस दिलेरी से बच्चों को बरामद किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। तस्वीरें आपके सामने हैं, मैंने पहले भी पोस्ट किया था।इन तस्वीरों को देखकर कोई भी हकीकत और बयानबाज़ी के बीच के फ़ासले को आसानी से समझ सकता है कि सच क्या है और कुछ पुलिस वाले इसे किस तरीके से परोस कर पूरी वाहवाही हड़पने का घटिया प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा लेकिन पुलिस की आज की प्रेस वार्ता देखकर चंद सवाल उभरते हैं। पुलिस ने अपनी पीठ तो थपथपा ली, लेकिन बरामद करने वाले बजरंग दल के इन युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए चंद शब्द तक नहीं कहे। अब श्रेय लेने की होड़ मचेगी और मनचाहे लोगों को चुन-चुन कर पुरस्कार बांटे जाएंगे।उन्होंने कहा कि वे चाहेंगे कि पुलिस अपनी गलती सुधारे और इन युवाओं को बुलाकर सम्मानित करे, ताकि आगे भी लोग मदद के लिए आगे आएं।दूसरों की पहचान और मेहनत को खा जाना एक दलाल संस्कृति है और इससे बचा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने भी जो प्रशासन की प्रशंसा के पुल बांधे हैं, ऐसा लगता है कि उन्हें भी अधिकारियों ने सही जानकारी नहीं दी है। उन्हें भी धरातल की सच्चाई पता कर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संशोधन करना चाहिए और असली नायकों को सम्मान देना चाहिए।उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो मान लिया जाएगा कि यह व्यवस्था संवेदनहीन थी, है और रहेगी। पुलिस के उच्च अधिकारियों की ओर से इन बातों का ख्याल न रखा जाना निंदनीय और शर्मनाक है।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




