रांची। झारखंड आंदोलन के प्रणेता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन को उनकी बड़ी बहू और झारखंड मुक्ति मोर्चा की पूर्व विधायक सीता सोरेन ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से उन्होंने न केवल पारिवारिक शोक को शब्द दिए, बल्कि झारखंड की उस विरासत को भी याद किया, जिसकी नींव गुरूजी ने रखी थी। सीता सोरेन ने लिखा, “बाबा सिर्फ हमारे घर के मुखिया नहीं थे… वे हमारे जीवन के प्रकाश थे। हमारे मार्गदर्शक, और हमारे सबसे बड़े सहारे।” उन्होंने कहा कि गुरूजी के बिना यह घर वैसा नहीं रहेगा। उनकी हँसी, स्नेह और डांट तक अब सिर्फ यादों में रह गए हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड ने एक महान सपूत खोया है, लेकिन उनके लिए यह व्यक्तिगत क्षति कहीं गहरी है। “हमने अपना गुरू, अपना पिता, अपना जीवनदाता खोया है,” उन्होंने लिखा। सीता ने बाबा की परंपराओं, सिखाए गए मूल्यों और कमाए गए सम्मान को संजोकर रखने का संकल्प जताया। “आपकी विरासत को आगे ले जाना अब हमारा धर्म है।” अंत में उन्होंने लिखा— “आपकी यादें, आपकी बातें, आपकी छाया… कभी मिट नहीं सकती। हम आपको कभी अलविदा नहीं कह सकते…

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




