भाजपा जांच टीम ने रिपोर्ट में किया दावा सूर्या हांसदा के एनकाउंटर की पुलिस कहानी झूठी

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

रांची। झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि चार बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके सूर्या हांसदा के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की कहानी सरासर झूठी है। उन्होंने कहा कि गोड्डा जिले के सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता सूर्या हांसदा की हत्या सत्तारूढ़ दल, माफिया और पुलिस की साजिश का नतीजा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। मरांडी ने कहा कि इस घटना की जांच के लिए पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। इसकी रिपोर्ट से यह साफ है कि हांसदा की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई। मरांडी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की जांच रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि 11 जून 2025 को गोड्डा में झामुमो की सभा के दौरान मुख्यमंत्री के करीबी विधायक प्रतिनिधि ने खुले मंच से धमकी दी थी कि जो सरकार की बात नहीं मानेगा, उसे पुलिस की गोली का शिकार होना पड़ेगा। ठीक अगले दिन सूर्या हांसदा का नाम एक मुकदमे में जोड़ा गया और दो महीने बाद उन्हें कथित पुलिस मुठभेड़ में मार डाला गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पुलिस ने हांसदा को अपराधी करार दिया जबकि अदालत ने कभी उन्हें दोषी नहीं पाया। उनके खिलाफ दर्ज 24 मामलों में से 14 में वे बरी हो चुके थे, पांच में जमानत पर और पांच में जमानत विचाराधीन थी। जिस घटना (27 मई) को आधार बनाकर एफआईआर दर्ज की गई, उस दिन वे अपने बेटे का जन्मदिन मना रहे थे। उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा अपराधी नहीं बल्कि एक संवेदनशील सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता थे, जो 400 अनाथ बच्चों की पढ़ाई की चिंता करते थे। उनके परिवार और जनता की मांग है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच केवल सीबीआई ही कर सकती है। मरांडी ने कहा कि हांसदा अवैध खनन, बांग्लादेशी घुसपैठ और धर्मांतरण जैसे मुद्दों का विरोध करते थे, इसी कारण सत्ता पक्ष के निशाने पर थे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस की मुठभेड़ वास्तविक थी तो गोली उनके पेट में कैसे लगी, जबकि दावा है कि वे भाग रहे थे। उनकी गिरफ्तारी में गवाह, मेडिकल जांच की सामान्य प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया। गोड्डा जिले की पुलिस ने 11 अगस्त को बोआरीजोर थाना क्षेत्र, धमनी पहाड़ के पास सूर्या हांसदा के एनकाउंटर में मारे जाने का दावा किया था। पुलिस के अनुसार, सूर्या पर 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे और वह कई संगीन अपराधों में फरार था। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने उनके पास से हथियार बरामद किए थे। भाजपा की जांच टीम में शामिल रहे प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट संदिग्ध है और यह प्रतीत होता है कि पहले टॉर्चर से उनकी मौत हुई और बाद में गोली मारकर एनकाउंटर का रूप दिया गया। भाजपा की जांच समिति में अमर कुमार बाउरी, भानु प्रताप शाही, रणधीर सिंह, अमित मंडल, सुनील सोरेन और अनीता सोरेन शामिल थे।

kelanchaltimes
Author: kelanchaltimes

Leave a Comment

Kelanchaltimes हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

डीएसपीएमयू में प्रशासनिक व अकादमिक समन्वय पर जोर, कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने की दो महत्वपूर्ण बैठकें

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रशासनिक और अकादमिक संभागों के साथ नियमित बैठक और संवाद को

प्रतियोगिता में परिणाम से अधिक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण – कुलपति डॉ राजीव मनोहर

DSPMU के प्रतिभागियों का शानदार प्रदर्शन, 39वें AIU यूथ फेस्टिवल में कई श्रेणियों में जीते सम्मान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने AIU

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश

रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर में श्रद्धा और परंपरा के संग गूंजा सरना झंडा गड़ी उत्सव, युवाओं ने लिया संस्कृति संरक्षण का संकल्प

रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची के न्यू बिल्डिंग परिसर में आज आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में पारंपरिक