जिले के कदवा प्रखंड अंतर्गत धपरसिया पंचायत स्थित मदरसा बदरुल उलूम चौकी के छात्र छात्राओं को सरकारी विद्यालय की तर्ज पर सुविधा नहीं मिल रहा है। जिसके कारण छात्र छात्राओं के साथ अभिभावकों में रोष व्याप्त है।कई छात्र-छात्राओं के अभिभावक मदरसा में आकर कहते हैं कि मेरे बच्चें का नाम मदरसा से कटवाना है और सरकारी विद्यालय में नामांकन करना है। क्योंकि सरकारी मदरसा में सरकारी विद्यालय की तरह सुविधा तथा योजनाओं का लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा है। छात्र-छात्राओं ने एक स्वर से कहा कि सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को बहुत सारी सुविधाएं दी जा रही है। लेकिन मदरसा में पढ़ने वाले हम सभी छात्राओं को मध्यान भोजन की सुविधा छोड़कर किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं दी जाती है। अभिभावक बताते हैं कि राज्य के गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक के माध्यमिक मदरसा, संस्कृत विद्यालय में पढ़ने वाले छात्राओं के लिए निशुल्क किताब तथा कॉपी देने की घोषणा शिक्षा मंत्री के द्वारा किया गया है। 2025- 26 शैक्षणिक सत्र में छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।मदरसा के वस्तानिया के छात्राओं को बुनियादी सुविधा क्लासरूम, लाइब्रेरी,बेंच, बोरिंग,टंकी, शौचालय का प्रावधान है।इसके साथ आधुनिक पढ़ाई से जोड़ने के लिए नया पाठ्यक्रम भी लागू किया जा रहा है। लेकिन इसके बावजूद भी मदरसा को सुविधा नहीं मिल रहा है। मदरसा बदरुल उलूम चौकी के प्रभारी हेड मो० मुजाहिद आलम ने बताया कि मदरसा में शिक्षक का पद स्वीकृत के बाबजूद मात्र दो शिक्षक से मदरसा का संचालन किया जा रहा है। मदरसा में मैं स्वयं मोहम्मद मुजाहिद आलम के अलावे शिक्षक मो०तौसिफ हुसैन के द्वारा मदरसा का संचालन किया जा रहा हैं। शिक्षक की कमी रहने के कारण वर्ग एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को विषय वार पठन-पाठन करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक मो०तौसिफ हुसैन पठन-पाठन से लेकर मदरसा के विकास कार्य में काफी सहयोग करते हैं। हेड मोलवी मोहम्मद मुजाहिद आलम ने बताया कि मदरसा में जीव विज्ञान,भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं गणित सहित कई विषयों के शिक्षक की अब तक नियुक्ति नहीं हुई है। हेड मो० मुजाहिद आलम कहा कि प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत मदरसा में पठन-पाठन करने वाले छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन मीनू के अनुसार दिया जा रहा है। मदरसा में 120
बच्चों का नामांकन पंजी में नाम दर्ज है। हेड मौलवी मोहम्मद मुजाहिद आलम ने बताया कि वर्ग एक में 6 वर्ग 2 में 13, वर्ग 3 में 21, वर्ग 4 में 15, वर्ग 5 में 17, वर्ग 6 में 16, वर्ग 7 में 15, वर्ग 8 में 17 छात्र-छात्राएं पठन-पाठन कर रहे हैं। हेड मोहम्मद मुजाहिद आलम ने बताया कि मदरसा में विषय वार कम से कम चार शिक्षक तथा रसोई घर की आवश्यकता है।





