रामगढ़। स्वर्ण आर्मी भारत के बैनर तले स्वर्ण समाज की बैठक शुक्रवार को होटल मनोहर रेसिडेंसी के सभागार में संपन्न हुई। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में लागू किए गए यूजीसी के नए कानून का सर्वसम्मति से विरोध किया गया। बैठक में वक्ताओं ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून को न्यायसंगत नहीं मानते हुए भारत सरकार और यूजीसी को पूर्ण विचार कर 19 मार्च 2026 तक अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। तब तक के लिए पुराने कानून को ही लागू रखने का निर्देश दिया गया है। स्वर्ण समाज ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय स्वर्ण आर्मी से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुरूप आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही 1 फरवरी को प्रस्तावित भारत बंद को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक यूजीसी का नया कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में इस बात पर दुःख व्यक्त किया गया कि जिस राजनीतिक दलों को स्वर्ण समाज ने वर्षों तक समर्थन दिया, आज वही दल समाज की इस गंभीर समस्या पर मौन है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार के गलत फैसलों का विरोध करना विपक्ष का कर्तव्य है, लेकिन इस मुद्दे पर कोई भी राजनीतिक दल खुलकर सामने नहीं आया।
स्वर्ण समाज ने एक स्वर में कहा कि हम सिर्फ वोट बैंक नहीं हो सकते। समाज ने निर्णय लिया कि अब आने वाले चुनावों में किसे वोट देना है और किसे नहीं, इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। हालांकि संख्या कम हो सकती है, लेकिन चुनाव की जीत-हार को प्रभावित करने की क्षमता स्वर्ण समाज रखता है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्वर्ण समाज की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी, ताकि समाज से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रणनीति बनाई जा सके।
बैठक में डॉ रोहित कुमार वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन पाठक, जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय, अभिषेक सिन्हा, महेश मिश्रा, अनुज तिवारी, विकास पांडेय, हरे राम शर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।




