रांची। झारखंड में कथित शराब घोटाले को लेकर भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर छत्तीसगढ़ मॉडल को अपनाने की प्रक्रिया, उससे जुड़े अफसरों और निर्णयों पर सवाल खड़े किये हैं। मरांडी ने आरोप लगाया है कि जब छत्तीसगढ़ सिंडिकेट के साथ मिलकर यहां शराब घोटाले की तैयारी हो रही थी, तब झारखंड से सचिव स्तर के एक अधिकारी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम को वहां स्टडी कर रिपोर्ट देने के लिये भेजा था। इन अधिकारियों ने रायपुर दौरा कर महज चौबीस घंटे में छुट्टी के दिन ही अपनी रिपोर्ट बनाकर छत्तीसगढ़ मॉडल अपनाने की अनुशंसा कर दी थी। इसे लेकर मीडिया से लेकर चौतरफा आलोचना हुई थी। बाबूलाल ने आगे लिखा कि एसीबी अगर इस शराब घोटाले के तह तक जाना चाहती है, तो उसे रायपुर गयी कमेटी में शामिल सारे लोगों की भूमिका एवं सहभागिता को जांच के दायरे में शामिल करना चाहिए। इस बात की जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए कि रायपुर गयी टीम ने वहां किन लोगों से मुलाकात की, क्या डील हुई? वह डील कराने में कौन लोग शामिल थे?किसके दबाव में उस टीम को महज चौबीस घंटे में छुट्टी के दिन ही छत्तीसगढ़ मॉडल अपनाने की अनुशंसा वाली रिपोर्ट सौंपनी पड़ी थी? मरांडी ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि मैं एक बार फिर आपसे आग्रह कर रहा हूं कि अगर आप वास्तव में इस शराब घोटाले की सच्चाई उजागर करना चाहते हैं तो इस मामले की जांच की अनुशंसा करिये।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




