रांची। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ रांची इकाई के आह्वान पर मंगलवार को बड़ी संख्या में प्राथमिक और मध्य विद्यालय के शिक्षक कचहरी स्थित शिक्षा परिसर पहुंचे और जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) रांची बादल राज के आदेश के खिलाफ विरोध जताया। संघ के अनुसार, डीएसई ने हिंदी टिप्पण परीक्षा पास करने को आधार बनाकर जिले के करीब तीन हजार शिक्षकों की जुलाई माह से वार्षिक वेतनवृद्धि रोक दी है। इसके बाद उनसे प्रथम श्रेणी दंडाधिकारी के समक्ष शपथ पत्र जमा करने की मांग की गई है। शिक्षकों ने इसे अव्यवहारिक और अमर्यादित करार देते हुए शपथ पत्र देने से इंकार कर दिया। संघ के मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि शिक्षकों को हिंदी टिप्पण परीक्षा से पहले ही मुक्त कर दिया गया था, बावजूद इसके वेतनवृद्धि रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्थापित नियमों से परे डीएसई की कार्यशैली से शिक्षक आक्रोशित हैं और आंदोलन करने को विवश हैं। आंदोलन के प्रथम चरण में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को दोपहर 1 बजे कचहरी स्थित शिक्षा परिसर में डीएसई के आदेश की प्रति जलाकर विरोध दर्ज करेंगे। इसकी तैयारी सभी प्रखंडों में चल रही है। बैठक में अनूप केशरी, राकेश कुमार, अजय ज्ञानी, संतोष कुमार, सलीम सहाय, कृष्ण शर्मा, गोवर्धन महतो, सतीस बड़ाइक, सुमंत कुमार लाल, शिवनाथ टोप्पो, विजय मुंडा, सहदेव कुमार, शमीम अंसारी, कमलेश कुमार, जुबैर अंसारी सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।

नामांकन से नतीजे तक खर्च की निगरानी, तीन दौर में होगी प्रत्याशियों की जांच
रांची : निकाय चुनाव के दौरान प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले चुनाव खर्च पर इस बार राज्य निर्वाचन आयोग की कड़ी निगरानी रहेगी। आयोग ने




