नई दिल्ली संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दोनों सदनों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने एसआईआर पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि सभापति सीपी राधाकृष्णन ने हंगामे के बीच शून्यकाल को जारी रखा। इस दौरान सदस्यों ने प्रदूषण, पानी की समस्या, आंगनवाड़ी में श्रीअन्न शामिल करने, उत्तर प्रदेश में भोजपुरी अकादमी की स्थापना करने जैसे कई विषयों को सामने रखा। इसी बीच विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नियम 267 के तहत विषयों और नोटिस देने वाले सदस्यों के नाम बताने की परंपरा रही है। उन्होंने सभापति से सदन के एक पक्ष पर ध्यान देने का अनुरोध किया। खरगे ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू एसआईआर पर चर्चा से बच रहे हैं, जबकि सभापति ने कहा कि मंत्री ने इस पर विचार किया है और बाद में अपनी प्रतिक्रिया देंगे। सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने कहा है कि विपक्षी नेताओं के साथ बहुत जल्द एक बैठक होगी और उसके अनुसार हम निर्णय लेंगे। संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने अनुरोध किया कि किसी भी चीज़ पर समय-सीमा की शर्त न लगाई जाए। सबकुछ अभी नहीं हो सकता, देश में कई मुद्दे हैं, एक मुद्दे को कमतर करके दूसरा मुद्दा नहीं उठाना चाहिए। सदन में भारी शोर-शराबे के बीच भाजपा सदस्य आरपीएन सिंह, के. लक्ष्मण, बाबूराम निषाद, डीएमके सदस्य तिरुची शिवा और आईएनडी के अजीत कुमार भुयान समेत कई सदस्यों ने अपने मुद्दे रखे। एसआईआर के मुद्दे पर हंगामा थमता न देखकर सभापति ने 11.53 बजे सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। वहीं लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई तो विपक्षी सदस्य एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जीतिन प्रसाद के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बोलना शुरू किया ही था कि विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप वेल में पहुंच गए। रिजिजू ने बार-बार विपक्ष को शांत होने और चर्चा में हिस्सा लेने की अपील की तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी बातचीत कर विपक्ष की समस्याओं और मुद्दों पर चर्चा का आश्वासन दिया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने हंगामा और नारेबाजी बंद नहीं की। लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर महज 9 मिनट बाद ही यानी 12.09 पर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।—-

नामांकन से नतीजे तक खर्च की निगरानी, तीन दौर में होगी प्रत्याशियों की जांच
रांची : निकाय चुनाव के दौरान प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले चुनाव खर्च पर इस बार राज्य निर्वाचन आयोग की कड़ी निगरानी रहेगी। आयोग ने




