साहिबगंज। सूचना अधिकार नियम, सेवा का अधिकार, सामाजिक सुरक्षा व जनहित से जुड़े काम यहां रूटीन के तौर पर किये जा रहे हैं। गंगा पास है लेकिन यहां के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। दुर्भाग्य की बात है कि 15-16 वर्षों में शहरी जालपूर्ती की योजना पूरी नहीं हुई। पानी, सीवरेज, ड्रेनेज, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में सफलता नहीं मिली है। आम जनता से सरोकार रखने वाले नियम कानून के पालन कराने में साहिबगंज पीछे है। जनसरोकारों से जुड़े सभी विभाग की स्थिति एक जैसी है। मंडरो में फॉसिल्स व तीनपहाड़ में फॉसिल्स पाए जाते हैं। इसके संरक्षण के लिए सरकार को कानून बनाना चाहिए। यहां ऐसा संस्थान मिलना चाहिए ताकि लोग बाहर से शोध करने आ सकें। यहां वन के सीमांकन के लिए एक नया कानून बना कर सरकार पहल करे। साहिबगंज में डॉल्फिन की संख्या घट रही है। इन्हें तो नंगी आंखों से देखा जा सकता है। हालांकि इसके संरक्षण को काम ठीक हो रहे हैं। कुल मिला कर सरकार को अगर लगता है तो साहिबगंज के लिए अलग से कानून बनाने की जरूरत है। मौके पर मौजूद उपविकास आयुक्त सतीश चंद्रा,वन पदाधिकारी प्रबल गर्ग,सिविल सर्जन डॉक्टर रामदेव पासवान,परियोजना पदाधिकारी संजय कुमार दास,अपर सहमार्ता गौतम भगत,भू0 अर्जन पदाधिकारी सी, के, दास,परिवहन पदाधिकारी मिथिलेश कुमार चौधरी,आपूर्ति पदाधिकारी झुन्नू मिश्रा,अनुमंडल पदाधिकारी साहिबगंज अमर जॉन आइंद,खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू,पंचायती राज पदाधिकारी अनिल कुमार, आरआईओ कार्यपालक अभियंता देवीलाल हांसदा,स्पेशल डिविजन कार्यपालक अभियंता रामा कांत,नगर प्रशासक अभिषेक सिंह,कार्यपालक दंडाधिकारी प्रमोद आनंद,विद्युत कार्यपालक अभियंता शंभूनाथ चौधरी,भू संरक्षण पदाधिकारी राहुल गुप्ता,कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का,ओर अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




