साहिबगंज:झारखण्ड में चुनाव के बाद परिणाम भी सामने आ चुकी हैऔर इंडिया गठबंधन की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है। इसके लिए हेमंत सोरेन ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने दावा भी पेश कर दिया है। इधर, पाकुड़ विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी निशात आलम की ऐतिहासिक जीत के बाद स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंत्री बनाने की मांग तेज कर दी है। वहीं स्थानीय नेताओं का कहना है कि झारखंड के इतिहास में पहली मुस्लिम महिला होने के साथ-साथ पुरे झारखंड में सबसे अधिक वोटों से जीत हासिल की है। इसलिए उन्हें मंत्री पद दिया जाना चाहिए । स्थानीय लोगों का मानना है कि पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने यहां के लिए कुर्बानियां दी है। पुरे क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछा दी गई है। जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतारने का काम किया है। विपक्षियों के लाख कोशिशों के बाद भी
यहां की जनता ने निशात आलम को अपना नेता चुनने का काम किया है। इसलिए यहां की जनता ने ऐतिहासिक वोटों से जिताने का काम किया है। आइए जानते हैं यहां के कांग्रेसी नेता की क्या मांग है।निशात आलम को मंत्री पद देना चाहिए: बरकतुल्लाह खान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि बरकत खान ने कहा है कि पाकुड़ विधानसभा में आज तक इतने वोटों से किसी ने जीत हासिल नहीं की है। झारखंड के इतिहास में पहली मुस्लिम महिला विधानसभा में पहुंची है। इसलिए उनके सम्मान में मंत्री पद मिलना चाहिए।कांग्रेस के आला अधिकारी पहल कर मंत्रीपद दिलाए: रंजीत टुडू रंजीत टुडू ने कहा कि पाकुड़ के लिए आन बान शान है निशात आलम। पुरुष मतदाता के साथ-साथ महिला मतदाताओं ने निशात आलम को भारी मतों से जिताने का काम है किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के जेल में होने के बावजूद जिस तरह उनकी धर्मपत्नी को ऐतिहासिक वोटों से यहां की जनता ने जिताने का काम किया, यह अपने आप में इतिहास है। निशात आलम महिलाओं के लिए प्रेरणा है, और पाकुड़ की महिलाओं की मांग है कि, निशात आलम को मंत्री पद देकर सम्मानित किया जाए। निशात आलम को मंत्री बनाया जाना चाहिए: अशोक कुमार दास अशोक कुमार दास ने कहा है कि, पाकुड़ विधानसभा में सारे विपक्षी चित हो गए है, और आरोप लगाने वाले खुद आरोपों के घेरे में है। उक्त बातें बरहरवा प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष अशोक कुमार दास ने कही है। उन्होंने कहा कि आलमगीर आलम जेल में बंद है और घर के चारदिवारी में रहने वाली महिला निशात आलम एक शेरनी की तरह मैदान में डटी रही। उन्होंने ऐतिहासिक वोटों से जीतकर विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। इसलिए झामुमो और कांग्रेस के वरीय नेता को पहल करते हुए मंत्री पद दिलाना चाहिए।एक तरफ पति आलमगीर आलम जेल में है। उनके विरोधी अनाप शनाप बयान दे रहे है। पूरे चुनाव में काफी कुछ बर्दाश्त करते हुए शेरनी की तरह चुनाव लड़ी और जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। उन्हें मंत्री पद मिलना ही चाहिए और मंत्री पद की बड़ी दावेदार हैं।

नामांकन से नतीजे तक खर्च की निगरानी, तीन दौर में होगी प्रत्याशियों की जांच
रांची : निकाय चुनाव के दौरान प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले चुनाव खर्च पर इस बार राज्य निर्वाचन आयोग की कड़ी निगरानी रहेगी। आयोग ने




