दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2025-26 के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थियों को 12,000 करोड़ रुपये के व्यय से प्रति वर्ष 9 रिफिल (और 5 किलो के सिलेंडर के लिए आनुपातिक रूप से आनुपातिक) तक 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) मई 2016 में देश भर के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। देश भर में लगभग 10.33 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन हैं। सभी पीएमयूवाई लाभार्थियों को एक जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन मिलता है, जिसमें सिलेंडर के लिए सुरक्षा जमा (एसडी), प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा नली, घरेलू गैस उपभोक्ता कार्ड (डीजीसीसी) पुस्तिका और स्थापना शुल्क शामिल हैं। उज्ज्वला 2.0 की मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, सभी लाभार्थियों को पहला रिफिल और चूल्हा भी निःशुल्क प्रदान किया जाता है। पीएमयूवाई लाभार्थियों को एलपीजी कनेक्शन, पहले रिफिल या चूल्हे के लिए कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि भारत सरकार/ओएमसी इनका खर्च वहन करती हैं। भारत अपनी एलपीजी ज़रूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है। पीएमयूवाई लाभार्थियों को एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव के प्रभाव से बचाने और पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी को और अधिक किफायती बनाने, जिससे उनके द्वारा एलपीजी का निरंतर उपयोग सुनिश्चित हो, के लिए सरकार ने मई 2022 में पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए प्रति वर्ष 12 रिफ़िल तक (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से) 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 200 रुपये की लक्षित सब्सिडी शुरू की।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




