नयी दिल्ली : बंगलादेश के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को भारत सरकार से आग्रह किया कि वह आपराधिक मामले मेें दोषी करार दी गईं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना तथा पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को बंगलादेशी अधिकारियों को सौंप दे। मंत्रालय ने यह आग्रह ‘अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण’ के इन दोनों को जुलाई नरसंहार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद किया। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्विटर पर जारी बयान में कहा कि उनका भारत सरकार से आग्रह है कि वह दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत अपना दायित्व निभाते हुए इन दोनों को फौरन बंगलादेशी अधिकारियों के हवाले कर दिया जाए। इसमें कहा गया है, ”न्यायाधिकरण के आज के निर्णय में शेख हसीना और असदुज्जमां खान कमाल को जुलाई नरसंहार के लिए दोषी करार देते हुए सज़ा सुनाई गई है। बयान में कहा गया कि “मानवता के विरुद्ध अपराधों के दोषी इन व्यक्तियों को शरण देना किसी भी देश द्वारा अमित्रतापूर्ण व्यवहार का गंभीर उदाहरण और न्याय का उपहास होगा। हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि वह दोनों दोषियों को तत्काल बांग्लादेशी अधिकारियों को सौंप दे। दोनों देशों के बीच मौजूदा प्रत्यर्पण संधि के तहत यह भारत का दायित्व भी है

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




