रांची। झारखंड में मिलेट आधारित खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब झारखंड मिलेट मिशन को नए नाम “झारखंड मडुआ क्रांति” के नाम से जाना जाएगा। इसकी घोषणा कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बुधवार को की।
मंत्री ने कहा कि गांव–देहात में मड़ुआ (रागी) की खेती को बड़ी संख्या में किसान अपना रहे हैं और इसकी स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। किसानों की इसी बढ़ती रुचि और उत्पादन क्षमता को ध्यान में रखते हुए मिशन का नाम बदलने का निर्णय लिया गया है, ताकि पारंपरिक फसलों को सम्मान मिले और मड़ुआ की पहचान को राज्य में नई पहचान मिल सके।
यह घोषणा रांची के पशुपालन निदेशालय सभागार में आयोजित झारखंड राज्य मिलेट मिशन 2025–2026 की समीक्षा बैठक के दौरान की गई। बैठक में राज्य में मिलेट उत्पादन बढ़ाने, किसानों को तकनीकी सहायता देने, बाजार विस्तार, पोषण सुरक्षा और प्रसंस्करण इकाइयों के विकास पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
सरकार का मानना है कि “झारखंड मडुआ क्रांति” नाम से मिशन चलाने से किसानों में जागरूकता और प्रेरणा बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

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