धनबाद में डुमरी के विधायक जयराम महतो सड़क जाम से जुड़े एक मामले में अदालत में पेश हुए। इस दौरान उन्होंने केंदुआडीह क्षेत्र में हो रहे गैस रिसाव को लेकर मीडिया से बातचीत करते हुए इसे बेहद गंभीर समस्या बताया। विधायक ने कहा कि सड़क जाम के मामले में गांव के 15 से 20 युवकों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी, उसी सिलसिले में वे आज कोर्ट में उपस्थित हुए हैं।
मीडिया से बातचीत में जयराम महतो ने कहा कि केंदुआडीह में गैस रिसाव की घटना को लेकर राज्य सरकार को विशेष पहल करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समय केवल कागजी प्रक्रिया में उलझने का नहीं, बल्कि तुरंत कार्रवाई करने का है।
प्रक्रिया नहीं, तुरंत समाधान जरूरी
विधायक ने कहा कि गैस रिसाव को रोकने के साथ-साथ प्रभावित लोगों के पुनर्वास की ठोस व्यवस्था होनी चाहिए। विधिवत विस्थापन आवश्यक है, लेकिन सरकार हर गंभीर मुद्दे पर सिर्फ प्रक्रिया का हवाला देती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसी तरह समय गंवाया गया तो पूरा गांव जमीन के नीचे चला जाएगा और लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाएंगे।
जमीन देने वाले रैयतों की हो रही अनदेखी
रैयतों के सवाल पर जयराम महतो ने कहा कि जिन्होंने अपनी जमीन दी है, उन्हें ही नजरअंदाज किया जा रहा है। उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जाता। उन्होंने बताया कि पिछले दो हफ्तों से गैस रिसाव जारी है और यदि इस दौरान किसी की जान जाती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। इस घटना से सबक लेने की जरूरत है।
कोयले की कमाई माफियाओं की जेब में: जयराम महतो
विधायक ने आरोप लगाया कि देश के विकास के नाम पर निकाला जा रहा कोयला माफियाओं की कमाई का जरिया बन गया है। रैयतों से जबरन जमीन ली जाती है और राष्ट्र की संपत्ति का लाभ कुछ गिने-चुने लोगों तक सीमित रह जाता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शर्मनाक बताया।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर सांसद पर पलटवार
बीसीसीएल के सीएमडी पर सांसद ढुल्लू महतो द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ने कहा कि जो खुद भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हों, उन्हें दूसरों पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा सांसद को हजारों करोड़ की संपत्ति को लेकर नोटिस दिया गया है। ऐसे में उनकी गंभीर बातों को लोग महत्व नहीं देते।





