पाकुड़ : जिले में वेक्टर जनित रोगों की पहचान, उपचार एवं निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल अधिकारियों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य मलेरिया, डेंगू, कालाजार एवं लिम्फेटिक फाइलेरियासिस के प्रभावी नियंत्रण हेतु चिकित्सकीय एवं कार्यक्रमात्मक क्षमताओं को मजबूत करना था।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान मेडिकल अधिकारियों को नवीनतम राष्ट्रीय दिशानिर्देशों, शीघ्र निदान, उपचार प्रोटोकॉल तथा गंभीर मामलों में संदर्भण व्यवस्था की जानकारी दी गई। साथ ही निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने, प्रकोप की तैयारी, एचएमआईएस के माध्यम से समयबद्ध एवं सटीक प्रतिवेदन, सक्रिय रोगी खोज तथा सामूहिक औषधि वितरण गतिविधियों में क्षेत्रीय टीमों के साथ बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।
जिला स्वास्थ्य पदाधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों एवं समुदाय स्तर पर समय पर निदान, उचित उपचार तथा भीवीडी नियंत्रण गतिविधियों के प्रभावी पर्यवेक्षण में मेडिकल अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। चिकित्सकों की सक्रिय सहभागिता से वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण एवं उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम सिविल सर्जन, जिला भीवीडी पदाधिकारी तथा डीब्ल्यूएचओ जोनल समन्वयक की उपस्थिति में संपन्न हुआ।





