राँची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण को लेकर दिए गए हालिया बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने सरकार पर हमला बोलते हुए इसे जनता को गुमराह करने वाला बयान और सरकार का ‘दोहरा चरित्र’ करार दिया है।
“भाषणों में आरक्षण, हकीकत में बाहरी कंपनियों का वर्चस्व”
भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को 75% आरक्षण की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी टेंडरों और योजनाओं में स्थानीय उद्यमियों को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों के टेंडर इस तरह डिजाइन किए जाते हैं जिससे स्थानीय सवेंदकों (contractors) के बजाय बाहरी कंपनियों को लाभ मिले।
इन योजनाओं में स्थानीयता को नजरअंदाज करने का आरोप:
भाजपा ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं:
1. शराब नीति: भाजपा का दावा है कि स्थानीय महिलाओं की भागीदारी के बजाय इसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के व्यापारियों को दिया गया।
2. बालू घाट: नीलामी की शर्तों को कठिन बनाकर स्थानीय लोगों को बाहर किया गया और कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुँचाया गया।
3. शिक्षा (कोचिंग संस्थान): कठोर रेगुलेशन के कारण स्थानीय छोटे संस्थान बंद होने की कगार पर हैं, जबकि बाहरी कॉर्पोरेट समूहों का रास्ता साफ किया गया।
4. स्वास्थ्य विभाग: आयुष्मान भारत योजना से स्थानीय छोटे क्लीनिकों को बाहर करने और विभाग में एक विशेष परिवार व समुदाय के वर्चस्व का आरोप लगाया।
5. शिक्षा (MBBS): विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए बताया गया कि फर्जी दस्तावेजों के कारण स्थानीय छात्रों को उनके आरक्षण के अधिकार से वंचित किया गया
>”जो सरकार निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण का दिखावा कर रही है, उसे पहले इसे सरकारी नीतियों, योजनाओं और ठेकों में ईमानदारी से लागू करना चाहिए।”>
— अजय साह, प्रवक्ता, भाजप
आउटसोर्सिंग में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का दावा
अजय साह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग हर विभाग में आउटसोर्सिंग के नाम पर नौकरियों का ‘संगठित कारोबार’ चल रहा है। बिचौलियों द्वारा भारी कमीशनखोरी की जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं के हक का रोजगार छीना जा रहा है। उन्होंने ‘स्किल डेवलपमेंट’ योजना में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने की बात दोहराई।
दिल्ली से हो रही ‘सेटिंग-गेटिंग’
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि राज्य के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली में बैठकर व्यवस्था की सेटिंग में लगे हुए हैं, जिससे झारखंड के मूल निवासियों का संवैधानिक अधिकार छीना जा रहा है। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया, तो वह इस दोहरे चेहरे को जनता के बीच बेनकाब करती रहेगी।




