भागलपुर | केलांचल टाइम्स भागलपुर कथक केंद्र में आज कथक के शिखर पुरुष और पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज की जयंती अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में केंद्र के छात्र-छात्राओं ने अपनी कला के माध्यम से अपने आराध्य गुरु को नमन किया।
गुरु वंदना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु निवास मोदी के निर्देशन में हुआ। आयोजन की शुरुआत पारंपरिक ‘गुरु वंदना’ से की गई, जिसने पूरे परिसर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। केंद्र के सभी विद्यार्थियों ने महाराज जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे महाराज जी: निवास मोदी
शिष्यों को संबोधित करते हुए गुरु निवास मोदी ने पंडित बिरजू महाराज के कला के प्रति योगदान पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा: “महाराज जी ने कथक नृत्य को जिस वैश्विक ऊंचाई पर पहुंचाया, वह कला जगत के लिए एक अनमोल विरासत है। वे सदैव कला प्रेमियों के हृदय में जीवित रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि बिरजू महाराज केवल एक महान नर्तक ही नहीं, बल्कि एक सिद्ध गायक और कई वाद्य यंत्रों के कुशल ज्ञाता भी थे।
निवास मोदी ने विद्यार्थियों से महाराज जी की साधना, अनुशासन और उनके समर्पण को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित कलाकारों और विद्यार्थियों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने और महाराज जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया। श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का यह संगम स्थानीय कला प्रेमियों के लिए भी काफी प्रेरणादायक रहा।
यह आयोजन भागलपुर कथक केंद्र परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।





