धनबाद | 06 फरवरी 2026, मुख्य संवाददाता झारखंड के धनबाद में जिला खनन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयला क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों की नींद उड़ा दी है। विभाग ने बकाया राजस्व वसूली को लेकर BCCL, ECL, SAIL और टाटा स्टील को कुल 183.85 अरब रुपए (लगभग 18,385 करोड़ रुपए) जमा करने का कड़ा नोटिस थमाया है।
15 दिनों का अल्टीमेटम: नहीं चुकाया तो होगी कुर्की
जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा ने स्पष्ट किया है कि कंपनियों को नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर पूरी राशि जमा करनी होगी। यदि निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं किया जाता है, तो विभाग संबंधित कंपनियों के खिलाफ ‘सर्टिफिकेट केस’ दर्ज करेगा। इसके तहत सरकारी बकाया की तरह ही सख्ती से वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों हुई इतनी बड़ी कार्रवाई?
यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आलोक में की जा रही है। जांच में पाया गया कि इन कंपनियों ने वर्ष 2000 से 2010 के बीच अपने निर्धारित और स्वीकृत खनन क्षेत्र (Lease Area) से बाहर जाकर अधिक भूमि पर कोयला उत्खनन किया था। इसी ‘अतिरिक्त खनन’ को अवैध मानते हुए अब भारी-भरकम जुर्माना और राजस्व वसूली का नोटिस दिया गया है।
बकाया राशि का विवरण: किस पर कितना है बोझ?
विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ी देनदारी बीसीसीएल की है:

प्रमुख कोलियरियां आई दायरे में
खनन पदाधिकारी के अनुसार, BCCL की चांच विक्टोरिया, गोविंदपुर, कतरास, सिजुआ, बरोरा, ब्लॉक-2, कुसुंडा, पीबी एरिया, बस्ताकोला और ईस्टर्न-वेस्टर्न झरिया सहित कुल 46 कोलियरियां इस जांच के दायरे में हैं। वहीं ECL की 8 और SAIL व टाटा स्टील की महत्वपूर्ण खदानों पर भी गाज गिरी है।
सुनवाई के बाद अंतिम फैसला
राज्य सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद, दिसंबर तक सभी कंपनियों का पक्ष सुना गया था। सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब विधिवत नोटिस जारी कर वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रशासन के इस कड़े रुख से कोयला जगत में हड़कंप मचा हुआ है।




