गोड्डा: समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त अंजली यादव की अध्यक्षता में जिला आजीविका कन्वर्जेस समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले के किसानों की आय बढ़ाने और आजीविका के नए स्रोतों को विकसित करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
मिलेट्स (श्री अन्न) और मखाना उत्पादन का लक्ष्य
बैठक में कृषि विभाग ने जानकारी दी कि चालू वित्तीय वर्ष में जिले के 3000-4000 एकड़ क्षेत्र में मिलेट्स उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उपायुक्त ने जिले की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल 3 वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही:
- मखाना खेती: गोड्डा में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय किसानों को प्रशिक्षण हेतु पूर्णिया कृषक प्रशिक्षण केंद्र भेजने का निर्णय लिया गया।
- विविधीकरण: बागवानी, बरबट्टी मूल्य श्रृंखला, बांस संवर्धन, लेमनग्रास, और बकरी व कुक्कुट पालन पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से चर्चा की गई।
क्लस्टर आधारित खेती और तकनीकी सहयोग
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी कृषि सत्र में क्लस्टर आधारित खेती (समूह खेती) को प्राथमिकता दें।
- स्वयं सहायता समूह (SHG): समूहों के माध्यम से नर्सरी विकास और कृषि आधारित लघु उद्यमों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- बाजार से जुड़ाव: किसानों को न केवल उन्नत बीज और तकनीक दी जाए, बल्कि उनके उत्पादों के लिए मार्केट लिंकेज (बाजार पहुंच) भी सुनिश्चित की जाए।
- सिंचाई और मृदा स्वास्थ्य: मृदा स्वास्थ्य कार्ड और फसल बीमा का लाभ समयबद्ध रूप से किसानों तक पहुँचाने पर जोर दिया गया।
प्रमुख विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता
बैठक में बहुफसली खेती (मल्टी क्रॉपिंग) और जैव इनपुट केंद्रों की स्थापना पर भी बल दिया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बेहतर कृषि प्रणाली में सुधार को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
बैठक में उपस्थित मुख्य पदाधिकारी:
उपविकास आयुक्त दीपक कुमार दूबे, केवीके के डॉ. रविशंकर, एलडीएम चंदन कुमार चौहान, नाबार्ड डीपीएम नूतनराज, जिला पशुपालन पदाधिकारी मनोज कुमार सिंह, जिला सहकारिता पदाधिकारी विजय कुमार नाग और जिला कृषि पदाधिकारी अभिजीत शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी।





