मिचाचौकी: क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जल निकासी और जल जमाव की गंभीर समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शनिवार को जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त हेमंत सती ने मिचाचौकी क्षेत्र का व्यापक स्थल निरीक्षण किया और अधिकारियों को शीघ्र ठोस पहल करने का निर्देश दिया।
ग्राउंड जीरो पर पहुँचे उपायुक्त
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विशेष रूप से रेलवे स्टेशन परिसर और उसके आसपास के उन हिस्सों का जायजा लिया, जहाँ नालों के अभाव में पानी जमा हो जाता है। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल निकासी की वर्तमान व्यवस्था की कमियों को परखा।
ग्रामीणों से सीधा संवाद
स्थल पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उपायुक्त को अपनी व्यथा सुनाई। ग्रामीणों ने बताया कि:
- बरसात के दिनों में जल जमाव के कारण मुख्य सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं।
- समुचित नालियां न होने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है और आवागमन बाधित रहता है।
समग्र DPR तैयार करने का आदेश
समस्या के स्थायी समाधान के लिए उपायुक्त हेमंत सती ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:
- तकनीकी रिपोर्ट: नाले और सड़क निर्माण के लिए एक विस्तृत DPR (Detailed Project Report) तुरंत तैयार की जाए।
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण: डीपीआर में जल निकासी की सही दिशा, नालों की सटीक चौड़ाई और गहराई का तकनीकी आकलन शामिल हो।
- तात्कालिक राहत: मानसून आने से पहले अस्थायी उपाय सुनिश्चित किए जाएं ताकि लोगों को जल जमाव से तत्काल राहत मिल सके।
प्रशासन की प्रतिबद्धता
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन मिचाचौकी के नागरिकों को इस नारकीय स्थिति से निजात दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।




