उधवा (साहिबगंज): प्रखंड क्षेत्र के पतौड़ा पंचायत अंतर्गत दरगाहडांगा में संचालित मदरसा पीर बाबा बहाउद्दीन कादरी ट्रस्ट का दो दिवसीय वार्षिक जलसा शुक्रवार देर रात दुआ के साथ संपन्न हो गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की और उलेमाओं के प्रवचनों का लाभ उठाया।
तालीम ही कामयाबी की कुंजी: मौलाना सफीकुल्लाह
जलसा में नेपाल से आए मुख्य वक्ता सफीकुल्लाह चतुर्वेदी नेपाली ने शिक्षा (तालीम) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
- दीन और दुनिया, दोनों में सफलता के लिए तालीम अनिवार्य है।
- अल्लाह के बताए नेक रास्ते पर चलकर ही इंसानियत की भलाई संभव है।
- उन्होंने कुरआन और हदीस की रोशनी में जीवन जीने के तरीके साझा किए।
20 छात्रों को मिली हाफ़िज़ की उपाधि
मदरसा के सचिव मसउद आलम ने बताया कि इस शिक्षण संस्थान में झारखंड के अलावा बिहार और बंगाल के लगभग 200 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। इस वर्ष कुल 20 छात्रों ने कुरान कंठस्थ (हिफ्ज़) पूरा किया, जिन्हें उलेमाओं द्वारा हाफ़िज़-ए-कुरान की पगड़ी (दस्तारबंदी) बांधकर सम्मानित किया गया।
विधायक प्रतिनिधि ने की शिरकत
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजमहल विधायक प्रतिनिधि मो. मारूफ उर्फ गुड्डू शामिल हुए। उन्होंने मदरसा द्वारा किए जा रहे शैक्षणिक कार्यों की सराहना की। मंच का सफल संचालन मौलाना नुरुल हक ने किया। शायरे इस्लाम की नात-ए-पाक ने माहौल को रूहानी बना दिया।
देश में अमन-चैन की दुआ
जलसे के समापन पर सामूहिक रूप से मुल्क में शांति, आपसी भाईचारा और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई।
मौके पर उपस्थित लोग :
मौलाना फारूक शमसी, अब्दुल खालिक, मुफ्ती मुमताज़ हुसैन, डॉ. गुफरान आलम, हाफिज तजम्मुल अंसारी, डॉ. सफीकुल शेख, मुस्तकीम शेख, अयूब अली और स्थानीय गणमान्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे।





