साहिबगंज: उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय मधुमक्खी एवं शहद मिशन (NBHM) के तहत आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। बरहरवा प्रखंड के कालू पंचायत में आयोजित इस कार्यक्रम में 25 चयनित किसानों को मधुमक्खी पालन के गुर सिखाए गए।
प्रमाण-पत्र वितरण और मुख्य अतिथि
समापन समारोह के अवसर पर जिला उद्यान पदाधिकारी अमितेश रंजन और कृषि वैज्ञानिक संजीव कुमार ने सभी प्रशिक्षणार्थी किसानों को प्रशिक्षण पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र वितरित किया।
मधुमक्खी पालन के लाभ: विशेषज्ञों की राय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला उद्यान पदाधिकारी ने मधुमक्खी पालन के कई महत्वपूर्ण फायदे गिनाए:
उन्होंने कहा,यह पूरी तरह से प्राकृतिक है और इसमें निवेश के मुकाबले लाभ की संभावनाएं अधिक हैं। शहद और मोम के उत्पादन से किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। साथ ही मधुमक्खियों द्वारा परागण (Pollination) से आसपास के खेतों की फसलों की पैदावार और गुणवत्ता में सुधार होता है।
इस योजना का क्रियान्वयन वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राष्ट्रीय मधुमक्खी एवं शहद मिशन (तेलहन बीज मिशन) के तहत किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र में ‘मीठी क्रांति’ को बढ़ावा दिया जा सके। यह प्रशिक्षण स्थानीय किसानों के लिए स्वरोजगार के नए द्वार खोलेगा। साथ ही किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ इस व्यवसाय को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी देगा ।





