साहिबगंज: जिला समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में सोमवार को उपायुक्त हेमत सती की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भवन प्रमंडल और झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा जिले में संचालित विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई।
गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोपरि: उपायुक्त
उपायुक्त ने विभाग के माध्यम से चल रहे सभी निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट लहजे में अधिकारियों को निर्देशित किया:
- मानकों का पालन: सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होना चाहिए। निर्माण सामग्री और तकनीकी पक्षों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
- समय सीमा का ध्यान: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जो योजनाएं पूरी होने की कगार पर हैं, उन्हें युद्धस्तर पर कार्य कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें। अनावश्यक देरी होने पर संबंधित एजेंसी या अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
- नियमित निरीक्षण: उन्होंने अभियंताओं को निर्देशित किया कि वे केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण करें और समय-समय पर प्रगति प्रतिवेदन (Progress Report) जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएं।
अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने पर जोर
बैठक में उपायुक्त ने तकनीकी समस्याओं के कारण अटकी योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ इन बाधाओं को दूर करने और वित्तीय व्यय (Financial Expenditure) का प्रबंधन सही ढंग से करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी भवन सीधे तौर पर आम जनता की सुविधाओं से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके निर्माण में देरी जनता को असुविधा पहुंचाती है।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
समीक्षा बैठक के दौरान भवन प्रमंडल के सहायक अभियंता (AE), कनीय अभियंता (JE) सहित निगम के अन्य पदाधिकारी और कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उपायुक्त ने सभी को कार्य संस्कृति में सुधार लाने और जवाबदेही के साथ काम करने की नसीहत दी।





