साहिबगंज: जिला समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में सोमवार को उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में समेकित जनजातीय विकास अभिकरण (ITDA) एवं कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास और छात्रों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का बारीकी से विश्लेषण किया।
मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर विशेष ध्यान
उपायुक्त ने पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति जांची और लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें शीघ्र निष्पादित करने का आदेश दिया। उन्होंने निम्नलिखित योजनाओं पर विशेष बल दिया:
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना: पात्र बीमार व्यक्तियों को समय पर आर्थिक मदद सुनिश्चित करने के निर्देश।
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना: स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पशुधन वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने को कहा।
मुख्यमंत्री साइकिल योजना: जिले के छात्र-छात्राओं के बीच साइकिल वितरण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया।
शिक्षा की गुणवत्ता और आवासीय विद्यालयों की मॉनिटरिंग
जनजातीय छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:
शिक्षकों की उपस्थिति: सभी आवासीय और दिवाकालीन विद्यालयों में प्रतिनियुक्त शिक्षकों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: केवल नामांकन ही नहीं, बल्कि शिक्षा के स्तर में सुधार लाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
छात्रवृत्ति: प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवंटन में किसी भी प्रकार का विलंब न हो, ताकि छात्रों की पढ़ाई में बाधा न आए।
पारदर्शिता और समयबद्धता अनिवार्य: उपायुक्त
समीक्षा के दौरान उपायुक्त हेमंत सती ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में मौजूद अधिकारी
इस बैठक में मुख्य रूप से परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, कल्याण विभाग के पदाधिकारी और संबंधित विभागों के कर्मी उपस्थित थे।





