साहिबगंज (संवाददाता): मालदा मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का परिचय देते हुए ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के अंतर्गत दो मासूमों का भविष्य बिगड़ने से बचा लिया। तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन पर भटक रहे दो नाबालिग बालकों को आरपीएफ ने सुरक्षित संरक्षण में लेकर उनके परिजनों तक पहुँचाने की दिशा में कदम उठाया है।
संदिग्ध अवस्था में घूमते मिले बालक
मंगलवार सुबह लगभग 05:20 बजे, जब स्टेशन पर सन्नाटा था, नियमित निरीक्षण के दौरान आरपीएफ कर्मियों की नज़र प्लेटफॉर्म संख्या-02 (साहिबगंज छोर) पर पड़ी। वहाँ दो नाबालिग बालक अकेले और संदिग्ध अवस्था में घूम रहे थे।
आरपीएफ द्वारा प्रेमपूर्वक पूछताछ करने पर पता चला कि दोनों बालक पारिवारिक विवाद या कारणों से नाराज होकर अपने घर से बिना बताए निकल आए थे।
सुरक्षित अभिरक्षा और कागजी कार्रवाई
बालकों की संवेदनशीलता को देखते हुए, मालदा मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता और मंडल सुरक्षा आयुक्त आशिम कुमार कुल्लू के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई की गई।
बाल संरक्षण संस्था (तीनपहाड़) के प्रतिनिधियों को मौके पर बुलाया गया। दोनों बालकों को सुरक्षात्मक अभिरक्षा में लेकर आरपीएफ पोस्ट, बरहरवा लाया गया। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, बच्चों को उचित देखभाल और उनके पुनर्वास हेतु संबंधित संस्था को सौंप दिया गया।
आरपीएफ की मानवीय पहल
रेलवे सुरक्षा बल का ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ उन बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है जो किन्हीं कारणों से रास्ता भटक जाते हैं या मानव तस्करी का शिकार होने की कगार पर होते हैं। आरपीएफ की इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों ने सराहना की है।




