राजमहल : फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के समूल नाश के लिए मंगलवार को अनुमंडल अस्पताल राजमहल में ‘मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ (MDA) कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) सदानंद महतो ने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा खाकर इस अभियान की शुरुआत की और आम जनता को जागरूक किया।
घर-घर दस्तक देंगी सहिया और स्वास्थ्य टीमें
उद्घाटन के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें, सहिया साथी और स्वास्थ्य कर्मी गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगे। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें और दवा का सेवन निश्चित रूप से करें ताकि समाज को हाथीपांव (फाइलेरिया) से मुक्त बनाया जा सके।
अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी डॉ. उदय टुडू ने दवा के सेवन को लेकर महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी साझा की:
सुरक्षा: यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इससे शरीर को कोई हानि नहीं होती।
खाली पेट वर्जित: फाइलेरिया की दवा कभी भी खाली पेट नहीं खानी चाहिए। खाली पेट सेवन करने से कुछ लोगों को रिएक्शन या जी मिचलाने जैसी समस्या हो सकती है।
अपील: स्वास्थ्य कर्मी दवा खिलाने से पहले व्यक्ति से उनके भोजन के बारे में जानकारी लेंगे, उसके बाद ही दवा देंगे।
घबराहट होने पर क्या करें?
डॉ. टुडू ने बताया कि यदि दवा खाने के बाद किसी को हल्की बेचैनी या परेशानी महसूस होती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य कर्मी से संपर्क करें या अनुमंडल अस्पताल में आकर चिकित्सकीय सलाह लें।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर डॉ. राजकुमार, अमित कुमार, रविंद्र टूरी, सुमित कुमार सहित अस्पताल के कई स्वास्थ्य कर्मी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।




