कहलगांव (केलांचल टाइम्स)। शहर के हृदय स्थल वी-मार्ट मॉल के समीप स्थित ‘महिला ट्रेनिंग सेंटर’ में महान समाज सुधारक और आर्य समाज के संस्थापक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर प्रशिक्षण ले रही महिलाओं के लिए बौद्धिक विकास एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले महापुरुष को नमन
कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी बंटी पांडे, छोटू पांडे और कन्हैया खंडेलवाल द्वारा उपस्थित महिलाओं के साथ केक काटकर किया गया। इस दौरान समाजसेवियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही माता-बहनों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।
समाजसेवी बंटी पांडे ने अपने संबोधन में कहा:
“महर्षि दयानंद सरस्वती ने बाल विवाह और सती प्रथा जैसी कुरीतियों के विरुद्ध समाज को जागृत किया। उन्होंने ‘वेदों की ओर लौटने’ का संदेश दिया, क्योंकि संसार का संपूर्ण ज्ञान और नैतिकता वेदों में ही निहित है।”
समाज सुधार में महर्षि का योगदान
वहीं, कन्हैया खंडेलवाल ने महर्षि के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़कर शिक्षा को समाज सुधार का मुख्य माध्यम बनाया। छोटू पांडे ने जोर देकर कहा कि स्वामी जी ने पाखंड का विरोध कर संस्कारयुक्त शिक्षा पर बल दिया, जिससे आज भी हमें प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
सैकड़ों महिलाओं की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में महिलाओं के बौद्धिक विकास पर चर्चा की गई और स्वामी जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य रूप से:
उपस्थित महिलाएं: रेखा देवी, बबिता देवी, रागिनी कुमारी, अनामिका देवी, अदिति कुमारी, प्राची कुमारी, गीतांजलि कुमारी, नंदनी कुमारी, मुस्कान कुमारी, काजल, पूनम, आभा, राजमंती कुमारी।
अन्य गणमान्य: दिलखुश कुमार, अमरेश, सुशील कुमार यादव सहित सैकड़ों की संख्या में प्रशिक्षणार्थी और स्थानीय लोग उपस्थित थे।





