गोड्डा समाहरणालय में उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 हेतु राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। कार्यक्रम के तहत 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है और अंतिम सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को होगा। उपायुक्त ने बीएलए-2 की नियुक्ति और विशेष रूप से कम साक्षरता वाले क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि शत-प्रतिशत पात्र मतदाता सूची में शामिल हो सकें।
स्वच्छ और पारदर्शी मतदाता सूची के लिए प्रशासन का संकल्प
गोड्डा जिले में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर)-2026 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता ही लोकतंत्र की असली मजबूती है, इसलिए इस पुनरीक्षण कार्य को पूरी गंभीरता से पूरा किया जाना चाहिए।
महत्वपूर्ण तिथियां और प्रक्रिया
बैठक में पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सीमा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई:
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अर्हता तिथि: 1 अक्टूबर 2026.
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अंतिम प्रकाशन: 7 अक्टूबर 2026. उपायुक्त ने कहा कि इस अवधि के दौरान मतदाताओं की मैपिंग, नए मतदाताओं को जोड़ने और दावा-आपत्ति का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
जनसहभागिता और बीएलए-2 की भूमिका
उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने स्तर से एससी-एसटी बहुल और कम साक्षरता वाले क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट-2 (बीएलए-2) की नियुक्ति जल्द से जल्द सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बीएलए-2 की सक्रियता से सूची में अशुद्धियों को कम करने और पात्र नागरिकों का नाम जोड़ने में बड़ी सहायता मिलेगी।
सुझावों और पारदर्शिता पर संवाद
बैठक के दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनका समाधान उपायुक्त ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर किया। इस बैठक में गोड्डा के अनुमंडल पदाधिकारी बैद्यनाथ उरांव, महागामा के अनुमंडल पदाधिकारी आलोक वरण केसरी और उप निर्वाचन पदाधिकारी कंचन कुमारी भुदोलिया समेत निर्वाचन शाखा के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। प्रशासन का प्रयास है कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुरूप जिले की मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिहीन हो।




