
गोड्डा: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के अध्यक्ष प्रधान जिला जज रमेश कुमार एवं सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर बुधवार को महागामा प्रखंड के घाट गम्हरिया पंचायत भवन में जनसंपर्क एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को मानव तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण के पीड़ितों के कानूनी अधिकारों, सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ रीतेश कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की योजना का उद्देश्य मानव तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण के पीड़ितों को मुफ्त कानूनी सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास उपलब्ध कराना है। इसके तहत पीड़ितों को सुरक्षित निकालना, एफआईआर दर्ज कराने, न्यायालयीन कार्यवाही, मुआवजा दिलाने और मुफ्त अधिवक्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है। साथ ही आश्रय, परामर्श, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्वास की सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ महिलाओं, पुरुषों और विशेष रूप से नाबालिग बच्चों सहित मानव तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण के सभी पीड़ितों को मिलता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पुलिस, गैर-सरकारी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखते हुए उन्हें आवश्यक कानूनी एवं सामाजिक सहायता उपलब्ध कराता है।
कार्यक्रम में अधिकार मित्र जयकृष्ण यादव, स्टेनशिला हेम्ब्रम, वीरेन्द्र हांसदा सहित अन्य लोग एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। डालसा ने लोगों से मानव तस्करी जैसी घटनाओं की जानकारी तत्काल प्रशासन और पुलिस को देने तथा पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की।


