कटिहार: जिले के आजमनगर प्रखंड की महेशपुर पंचायत में एक पुल पिछले करीब चार वर्षों से अधूरा पड़ा है। पुल का एप्रोच रोड नहीं बनने के कारण यह केवल ढांचा बनकर रह गया है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महेशपुर पंचायत के पंचकोनिया गांव के समीप स्थित यह पुल महेशपुर पंचायत को निमौल पंचायत से जोड़ने के उद्देश्य से बनाया गया था। लेकिन एप्रोच रोड का निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीणों को खेतों के रास्ते जाने की बजाय करीब 3 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल दो पंचायतों की सीमा पर स्थित है, इसलिए जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की अनदेखी का शिकार हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसाती नदी पर बने इस पुल के आसपास बरसात के मौसम में कई महीनों तक पानी भरा रहता है। पुल की ऊंचाई भी कम होने के कारण बारिश के दौरान पानी पुल के ऊपर तक आ जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग का उपयोग 8 से 10 गांवों के लोग करते हैं। किसानों को फसल बाजार तक पहुंचाने और खेती के लिए खाद, बीज व अन्य सामान लाने-ले जाने में भारी कठिनाई होती है। उनका कहना है कि यदि पुल और एप्रोच रोड का निर्माण पूरा हो जाए तो आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों की वर्षों पुरानी समस्या खत्म हो जाएगी।
ग्रामीणों ने अधूरे पुल को भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने पुल निर्माण के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई होगी, लेकिन जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और विभागीय अनदेखी के कारण आज तक काम पूरा नहीं हो सका।
वहीं, इस मामले में पुल निर्माण निगम, कटिहार के कार्यपालक अभियंता से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि यह पुल उनके विभाग द्वारा निर्मित नहीं कराया गया है।





