गोड्डा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष पीडीजे रमेश कुमार एवं सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर गुरुवार को पथरगामा प्रखंड के लखनपहाड़ी और परसपानी पंचायत भवन में आउटरीच एवं अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान डालसा की टीम ने ग्रामीणों को स्थाई लोक अदालत समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्थाई लोक अदालत, गोड्डा के अध्यक्ष विजय कुमार पांडेय ने कहा कि स्थाई लोक अदालत वादों के त्वरित निष्पादन का सबसे सुलभ माध्यम है। इसमें दोनों पक्षों के बीच समझौते के आधार पर मामलों का नि:शुल्क निष्पादन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि स्थाई लोक अदालत के माध्यम से दूरभाष, बिजली, परिवहन, पानी, बीमा, बैंकिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों का निस्तारण दोनों पक्षों की सहमति से सुलह-समझौते के आधार पर किया जाता है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है तो मामले का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर किया जाता है। इसमें किसी तरह का न्याय शुल्क नहीं लगता और पारित आदेश अंतिम होता है।
वहीं सदस्य डॉ. नीरज मिश्रा और दिनकर कुमार ने कहा कि स्थाई लोक अदालत में मामलों का नि:शुल्क और त्वरित निष्पादन होता है। इसमें दोनों पक्षों के हितों का ध्यान रखा जाता है।
नालसा संवाद योजना 2025 की दी जानकारी
मौके पर एलएडीसी लीली कुमारी ने नालसा (संवाद) योजना, 2025 की जानकारी ग्रामीणों को दी। उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। अधिकारों का अतिक्रमण होने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि नालसा का उद्देश्य हाशिए पर पड़े कमजोर आदिवासी समुदायों तथा विमुक्त और घुमंतू जनजातियों की न्याय तक पहुंच को मजबूत करना है। योजना के तहत जनजातीय समुदायों को वकील और अधिकार मित्रों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अलावा मोबाइल विधिक सहायता वैन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्कूलों में विधिक साक्षरता और कानूनी सहायता क्लिनिकों के माध्यम से लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है। रेडियो और दूरदर्शन जैसे माध्यमों से भी कानूनी जागरूकता फैलाने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में अधिकार मित्र जितेंद्र कुमार दुबे, रजनी कुमारी, चंदन कुमार साह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





