गोड्डा: साइबर अपराध से पीड़ित लोगों को राहत दिलाने और ठगी की राशि वापस कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से गोड्डा पुलिस ने MRM (मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल) और GRM (ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म) की जानकारी आम लोगों से साझा की है। पुलिस अधीक्षक ने साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
MRM मॉड्यूल से कैसे मिलेगी ठगी की राशि वापस?
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, MRM यानी मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के माध्यम से साइबर फ्रॉड में फंसी अथवा बैंक द्वारा होल्ड या फ्रीज की गई राशि को पीड़ित के खाते में वापस कराने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाता है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस और बैंक स्तर पर आवश्यक जांच की जाती है। जांच के दौरान यदि ठगी की राशि उपलब्ध रहती है तो नियमानुसार उसे पीड़ित के खाते में वापस कराने की कार्रवाई की जाती है। इससे पीड़ितों को राशि वापसी के लिए बार-बार बैंक या पुलिस कार्यालय के चक्कर लगाने की परेशानी कम होती है।
GRM से बैंक खाते का लियन या फ्रीज हटाने की प्रक्रिया
वहीं, GRM यानी ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म का उद्देश्य ऐसे खाताधारकों की शिकायतों का समाधान करना है, जिनके बैंक खाते में गलती से राशि आने या किसी गलतफहमी के कारण पुलिस अथवा बैंक द्वारा लियन या फ्रीज लगा दिया गया है।
संबंधित शिकायत की ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से जांच की जाती है। शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार खाते से लियन या फ्रीज हटाने की कार्रवाई की जाती है।
साइबर ठगी होने पर यहां करें शिकायत
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर अपराध की शिकायत www.cybercrime.gov.in पर दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन के लिए महागामा में 7463871629 और गोड्डा में 6205279762 नंबर जारी किए गए हैं। पीड़ित अपने नजदीकी थाना अथवा साइबर सेल, गोड्डा में भी संपर्क कर सकते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी की शिकायत करते समय पासबुक, बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजेक्शन आईडी और अन्य संबंधित दस्तावेज अपने पास रखें। इससे जांच और राशि वापसी की प्रक्रिया में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
OTP, PIN और पासवर्ड किसी से साझा न करें
पुलिस अधीक्षक ने लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध कॉल या मैसेज पर भरोसा नहीं करने और किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड अथवा बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की स्थिति में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, ठगी की राशि को होल्ड कराने और वापस दिलाने की संभावना उतनी ही बेहतर होगी। संदिग्ध साइबर गतिविधि सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।





