पाकुड़: राष्ट्रीय कालाजार एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कालाजार उन्मूलन अभियान की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम ने गुरुवार को पाकुड़ जिले का दौरा किया। एनसीवीबीडीसी की संयुक्त निदेशक डॉ. छवि पंत जोशी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अमड़ापाड़ा और हिरणपुर प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर कालाजार एवं PKDL से प्रभावित मरीजों की स्थिति, उपचार, फॉलो-अप और स्वास्थ्य विभाग की मैदानी गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।
केंद्रीय टीम में झारखंड के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रंजीत प्रसाद, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रवि शंकर, राज्य समन्वयक डॉ. अभिषेक पॉल, राज्य सलाहकार कालाजार डॉ. अंजुम इकबाल, जयंत देव सिंह, राज्य सलाहकार साग्या सिंह, पाकुड़ सिविल सर्जन डॉ. पी.के. संथालिया, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार, डॉ. रजत रंजन सहित केंद्रीय, राज्य और जिला स्तर के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल रहे।
गांवों में पहुंचकर मरीजों की स्थिति और उपचार की जानकारी ली
दौरे के दौरान केंद्रीय टीम ने अमड़ापाड़ा प्रखंड के शाहरघाटी और हिरणपुर प्रखंड के घाघरजानी गांव का भ्रमण किया। टीम ने इन क्षेत्रों में कालाजार और PKDL से प्रभावित मरीजों की स्थिति की जानकारी ली। मरीजों को दिए जा रहे उपचार, उपचार की प्रगति और नियमित फॉलो-अप की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
टीम ने संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कालाजार डोजियर, मरीजों के फॉलो-अप, उपचार अभिलेख, निगरानी गतिविधियों और कार्यक्रम से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच की गई।
केंद्रीय टीम के सदस्यों ने स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों से सीधे संवाद कर कार्यक्रम की वास्तविक स्थिति और उसकी प्रभावशीलता के बारे में जानकारी ली। मैदानी स्तर पर चल रही गतिविधियों को समझने के साथ टीम ने आवश्यक सुधार के बिंदुओं पर अधिकारियों से चर्चा की।
PKDL की सक्रिय खोज में तेजी लाने का निर्देश
केंद्रीय और राज्य स्तर के अधिकारियों ने PKDL मामलों की सक्रिय खोज को और तेज करने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि संभावित PKDL मरीजों की समय पर पहचान की जाए और उनकी जांच एवं उपचार में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
इसके साथ ही मरीजों के नियमित फॉलो-अप और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि कालाजार उन्मूलन की दिशा में अब तक हासिल उपलब्धियों को बनाए रखने के लिए संदिग्ध मामलों की पहचान, जांच, उपचार और निगरानी की पूरी प्रक्रिया को लगातार प्रभावी बनाए रखना जरूरी है।
चार जिलों के अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय समीक्षा
पाकुड़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के भ्रमण के बाद पाकुड़, गोड्डा, दुमका और साहिबगंज जिलों के संबंधित अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चारों जिलों में कालाजार और PKDL की वर्तमान स्थिति, मरीजों के प्रबंधन, निगरानी गतिविधियों, वेक्टर नियंत्रण उपायों और कार्यक्रम की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में केंद्रीय और राज्य स्तरीय अधिकारियों ने कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मरीजों की समयबद्ध पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के साथ निगरानी एवं मैदानी गतिविधियों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
केंद्रीय टीम का पाकुड़ दौरा जिले में कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की जमीनी समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। निरीक्षण और क्षेत्रीय समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बीमारी की पहचान से लेकर उपचार, फॉलो-अप और निगरानी तक की व्यवस्था को लगातार मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।




