मेहरमा। प्रखंड क्षेत्र के गोड्डा-पीरपैंती मुख्य मार्ग पर स्थित पत्तिचक-पिरोजपुर दुर्गा मंदिर में शारदीय नवरात्र को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंदिर परिसर में भव्य और आकर्षक पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। पूजा समिति के सदस्य और श्रद्धालु तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। यहां पिछले 20 वर्षों से लगातार विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना होती आ रही है।
मंदिर परिसर में मां काली का मंदिर भी स्थित है, जिसके कारण क्षेत्र के लोगों की इस स्थान के प्रति विशेष आस्था है। स्थानीय मान्यता के अनुसार मां काली क्षेत्रवासियों को गंभीर बीमारियों और विभिन्न विपत्तियों से रक्षा करती हैं। नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्र के प्रथम दिन से नवमी तक प्रतिदिन सुबह और शाम वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना और महाआरती होगी। बौंसी स्थित गुरुधाम से पहुंचे आचार्य मनोज मिश्र विधि-विधान से पूजा संपन्न कराएंगे।
सप्तमी तिथि को मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। अष्टमी को डलिया अर्पण और नवमी को हवन-पूजन का आयोजन होगा। अष्टमी और नवमी को श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई है। दशमी और एकादशी को मंदिर परिसर के बाहर भव्य मेले का आयोजन होगा, जबकि एकादशी की रात मां दुर्गा की प्रतिमा का विधि-विधान के साथ विसर्जन किया जाएगा।
दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष विजय चौबे ने बताया कि मंदिर में पिछले 20 वर्षों से मां दुर्गा की पूजा होती आ रही है और मुख्य मार्ग पर मंदिर स्थित होने के कारण सुबह-शाम पूजा और महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। समिति के सचिव मुक्तिनाथ पांडेय ने बताया कि भव्य पंडाल और मां दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण तेजी से चल रहा है। कोषाध्यक्ष ललन राम ने पूजा कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य मनोज मिश्र द्वारा प्रतिदिन विधिवत पूजा कराई जाएगी। वहीं, उपाध्यक्ष लाल बिहारी मिश्र ने बताया कि अष्टमी को महिलाओं द्वारा बड़ी संख्या में डलिया अर्पित की जाएगी और नवमी को हवन-पूजन के बाद एकादशी की रात प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।




