साहिबगंज: सदर अस्पताल परिसर में रविवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे समय पर एंबुलेंस नही मिलने पर मरीज के परिजनों ने जमकर हंगामा व तोड़फोड़ किया गया। इस दौरान डॉक्टर के रेस्ट रूम के दरवाजा के शीशा को तोड़ दिया गया।वहीं मरीज महाराजपुर मोती झरना के रहने वाला है।वहीं डॉक्टर ने बताया कि रात करीब दो बजे लिवर में परेशानी होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर डॉ. प्रशांत कुमार ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। लेकिन समय एंबुलेंस नही मिलने पर परिजन आक्रोशित हो गए। सुबह होने तक परिजन हो हंगामा करने लगा। डॉक्टर भीड़ के डर से अपना रेस्ट रूम में जाकर बैठ गए। इसपर परिजन डॉक्टर रेस्ट रूम में जाकर दरवाजा को तोड़फोड़ करने लगा। लोगो का आरोप है कि एंबुलेंस के लिए अस्पताल मैनेजर को भी कॉल किया गया। लेकिन अस्पताल मैनेजर का नम्बर स्विच ऑफ बताया गया। इसपर परिजन और आक्रोशित हो गया। इधर प्रशासनिक डीएस डॉ. मुकेश कुमार को सूचना मिलने पर तुरंत सदर अस्पताल पहुचकर मामला को शांत कराया। हालांकि तबतक परिजन मरीज को लेकर निकल गए। वही प्रशासनिक डीएस डॉक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि रेफर करने पर 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया। लेकिन एंबुलेंस समय पर नही पहुचा। इसपर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर डॉ. प्रशांत कुमार ने अस्पताल से एंबुलेंस लेने की बात कही। इसके लिए एंबुलेंस का तेल समेत कुछ चार्ज बताया गया। इसपर परिजन बिगड़ गए। वही डॉ. प्रशांत कुमार, डीएस को आवेदन देकर मरीज के परिजन पर तोड़फोड़ व हंगामा करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। इधर जिरवाबाड़ी पुलिस घटना स्थल पहुचकर मामले की जांच में जुट गई। वहीं प्रशासनिक डीएस ने प्रेस को बताया कि सदर अस्पताल के हर जगह 108 एंबुलेंस का मोबाइल न लिखकर हर कोना में चिपकाया हुआ है।उसके बाद भी मरीज 108 एंबुलेंस को फोन नहीं करके सारा गुस्सा डॉक्टर या एएनएम, जीएनएम,ओर कर्मचारियों पर उतारते है।जब की पूरे अस्पताल में हॉस्पिटल मैनेजर या डीएस,क्लर्क,108 एंबुलेंस का मोबाइल न लिखकर चिपकाया हुआ है।

डीएसपीएमयू के कुलपति के रूप में प्रो. राजीव मनोहर ने संभाला पदभार, शिक्षकों को दिया नियमित और गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं लेने का निर्देश
रांची। प्रो. राजीव मनोहर ने आज पूर्वाह्न 10 बजे Dr. Shyama Prasad Mukherjee University (डीएसपीएमयू), रांची के कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे




