देवघर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनेगा आकर्षण का केंद्र, उपायुक्त ने दिए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

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देवघर: जिले में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। देवघर उपायुक्त के नेतृत्व में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स कुमैठा में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया, जिसमें उन्होंने संबंधित एजेंसियों को तय समयसीमा के भीतर निर्माण कार्यों को पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया। इस निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विस्तार से प्रत्येक निर्माणाधीन संरचना का जायजा लिया और कार्य की गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की बात कही।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित सिनथेटिक एथलेटिक ट्रैक (8 लेन) का निर्माण किया जा रहा है, जो न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य के एथलीटों के लिए एक बड़ी सौगात होगी। इसके अलावा एक विशाल फुटबॉल ग्राउंड, इलेक्ट्रॉनिक स्कोर बोर्ड और 6 हजार दर्शकों की क्षमता वाला कवर्ड स्टेडियम भी निर्माणाधीन है। स्टेडियम में बैठने की व्यवस्था इस तरह से की जा रही है कि दर्शकों को किसी भी कोण से खेल का स्पष्ट दृश्य मिल सके।

यही नहीं, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए स्वीमिंग पूल, बैडमिंटन हॉल, वॉलीबॉल कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट और फिटनेस सेंटर जैसी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि इन सभी सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए ताकि आने वाले समय में यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकें।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्य स्थल पर उपस्थित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं हुआ या गुणवत्ता से समझौता हुआ, तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त ने स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स परिसर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए वृहत स्तर पर पौधारोपण करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि हरियाली खेल परिसर की सुंदरता और पर्यावरण संतुलन दोनों के लिए आवश्यक है। इस दिशा में स्कूली छात्रों, खेल संघों और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।

इसके साथ ही उपायुक्त ने सुझाव दिया कि स्थानीय खिलाड़ियों को निर्माण कार्यों की समाप्ति के बाद उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए कोचिंग की व्यवस्था की जाए। साथ ही, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास सुविधा, प्रशिक्षण उपकरण, चिकित्सकीय सहायता और पोषण युक्त आहार जैसी जरूरी व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जाए।

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि कार्य के प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।

स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का यह आधुनिक और बहुपरियोजना आधारित विकास देवघर को खेल मानचित्र पर एक नई पहचान देगा। इससे न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा बल्कि देवघर एक स्पोर्ट्स टूरिज्म हब के रूप में भी उभर सकता है।

इस अवसर पर जिला खेल पदाधिकारी, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि कार्य को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाएगा।

देवघर प्रशासन की यह पहल निश्चित ही युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करेगी और जिले के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

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Author: gaytri

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