हक़ की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर: बिहार के अतिथि शिक्षक बोले— अब आर-पार का संघर्ष

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

पटना । बिहार के विश्वविद्यालयों में वर्षों से शिक्षण कार्य में लगे अतिथि शिक्षकों की उम्मीदों को नया संबल मिला है। नियमितिकरण और सेवा सुरक्षा की उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग अब अंतिम मोड़ पर पहुंच गई है। बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति ने उनकी मांगों पर मुहर लगाते हुए शिक्षा विभाग को सिफारिश भेज दी है। अब सबकी निगाहें बिहार सरकार के निर्णय पर टिक गई हैं।

2020-21 से लगातार समर्पण के साथ कार्यरत इन शिक्षकों ने हर मोर्चे पर अपने हक की लड़ाई लड़ी है—कभी सड़क पर, कभी सदनों में, तो कभी कलम के जरिये। अब यह संघर्ष निर्णायक मोड़ पर है।

“यह सिर्फ नियुक्ति की नहीं, पहचान और प्रतिष्ठा की लड़ाई है,”

यह कहना है बिहार राज्य विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ के प्रांतीय संयोजक डॉ. सतीश कुमार दास का। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष जितना लंबा रहा है, उतनी ही गहरी इसकी जड़ें हैं—अब यह आंदोलन केवल एक मांग नहीं, बल्कि एक जन-आवाज़ बन चुका है।

डॉ. दास ने संगठन की ओर से बिहार विधान परिषद के उपसभापति एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो. रामवचन राय तथा अन्य सदस्यों—डॉ. संजीव कुमार सिंह, डॉ. संजय कुमार सिंह, डॉ. नवल किशोर यादव, डॉ. सर्वेश कुमार, डॉ. मदन मोहन झा, जीवन कुमार—का आभार जताया, जिन्होंने शिक्षकों की पीड़ा को गंभीरता से सुना और उसे सदन तक पहुँचाया।

“हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक हर अतिथि शिक्षक को उसका न्याय न मिल जाए। यह कोई एहसान नहीं, हमारा संवैधानिक अधिकार है।”

डॉ. दास ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास और रोजगार केंद्रित सरकार से पूर्ण विश्वास है कि इस न्यायपूर्ण मांग पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लिया जाएगा।

संघ की ओर से सभी शिक्षकों से अपील की गई है कि वे एकजुटता, धैर्य और उम्मीद के साथ अंतिम चरण तक संघर्ष में बने रहें।

“संघर्ष हमारा धर्म है, और लक्ष्य हमारा संकल्प। अब कोई पीछे नहीं हटेगा।”

gaytri
Author: gaytri

Leave a Comment

Kelanchaltimes हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

समय पर बारिश से समेली और कुरसेला में धान रोपाई तेज, किसानों को बेहतर फसल की उम्मीद

कुरसेला (कटिहार): समय पर हुई मानसूनी बारिश ने कटिहार जिले के कुरसेला और समेली प्रखंड सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी को नई गति

कटिहार का रहमानपुर खानकाह लतीफिया तकिया शरीफ: 525 वर्षों से आध्यात्मिक आस्था और सांप्रदायिक सौहार्द का केंद्र

कटिहार: जिले के बारसोई प्रखंड स्थित रहमानपुर खानकाह लतीफिया तकिया शरीफ करीब 525 वर्षों से सूफी परंपरा, आध्यात्मिक साधना और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रमुख केंद्र

कटिहार में मां जानकी धाम मुख्यालय के लिए 1.80 एकड़ भूमि लीज पर, गुरु पूर्णिमा पर हुई घोषणा

कटिहार: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भाजपा नेता एवं मां जानकी धाम अखाड़ा सह तीर्थक्षेत्र के संस्थापक राजेश गुरनानी ने कटिहार में प्रस्तावित मां

कटिहार: प्राथमिक विद्यालय देवगांव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर, सभी छात्र स्कूल ड्रेस में पहुंच रहे विद्यालय

कटिहार: जिले के कदवा प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय देवगांव शिक्षा, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन के क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभर रहा है। विद्यालय