अररिया के कवि विधु शेखर का राष्ट्रीय साहित्यिक मंच पर सम्मान

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नई दिल्ली/अररिया: अररिया जिले के सिरसिया कलां के कवि विधु शेखर को उनकी राष्ट्रवादी कविताओं के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने सम्मानित किया। यह सम्मान उनकी चर्चित काव्य-पुस्तक ‘भारत में अब कमल खिला’ के लिए दिया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवन यात्रा और 21वीं सदी के भारत के विकास को काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत करती है।

श्रीमती गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि विधु शेखर की रचनाओं में राष्ट्र की भावना समाहित है और उनका साहित्य देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्यकार ही देश की वैचारिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं।

‘भारत में अब कमल खिला’: चार भाषाओं में प्रकाशित, बनी बेस्टसेलर

विधु शेखर की यह पुस्तक हिंदी के साथ-साथ मराठी, गुजराती और अंग्रेजी में भी प्रकाशित हुई है और इसे ‘बेस्टसेलर ऑफ इंडिया’ का गौरव प्राप्त हुआ है। पुस्तक में प्रधानमंत्री मोदी के बचपन से लेकर अब तक के संघर्ष, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसने पाठकों को गहराई से प्रभावित किया है।

19 पुस्तकों के लेखक, राष्ट्रवाद और संस्कृति के प्रतीक

कवि विधु शेखर अब तक 19 साहित्यिक कृतियां लिख चुके हैं। उनके साहित्य में ‘समन्वय से सृष्टि’ की भावना प्रमुख होती है और वे विभिन्न विधाओं के माध्यम से समाज और राष्ट्र के महत्वपूर्ण प्रश्नों को उठाते हैं। अररिया जैसे सीमावर्ती क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार का सम्मान बिहार और पूरे सीमांचल के लिए गर्व का विषय है।

साहित्य साधना से राष्ट्रीय चेतना तक की यात्रा

विधु शेखर की कविताएं मंच पर भी अत्यंत लोकप्रिय हैं और वे अपनी कविताओं के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और सांस्कृतिक चेतना का संचार कर रहे हैं। उनके इस सम्मान को केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उस भूमि की वैचारिक जीत के रूप में देखा जा रहा है जो सदियों से साहित्य और संस्कृति को पोषित करती आई है।

कवि विधु शेखर ने व्यक्त की कृतज्ञता

सम्मान प्राप्त करने के बाद कवि विधु शेखर ने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि सीमांचल के लोगों, उनकी मिट्टी, उनकी चेतना और उनकी संस्कृति का सम्मान है। उन्होंने भारत की विविधता में एकता की भावना के प्रति अपनी समर्पण व्यक्त की।

यह सम्मान वास्तव में उस साहित्यिक विचारधारा का सम्मान है जो राष्ट्र की आत्मा को शब्दों में व्यक्त करती है और लोगों को प्रेरित करती है।

 

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Author: gaytri

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